Governance – बक्सर दौरे में सुरक्षा चूक पर निलंबित हुए नगर परिषद अधिकारी
Governance – मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बक्सर दौरे के दौरान सामने आई सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने बक्सर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के मई माह के दौरे के दौरान सुरक्षा प्रबंधन में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

हेलीकॉप्टर लैंडिंग से जुड़ी घटना बनी जांच का आधार
23 मई को मुख्यमंत्री के बक्सर आगमन के दौरान उनका हेलीकॉप्टर निर्धारित स्थल किला मैदान पर नहीं उतर सका था। इस घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की समीक्षा शुरू हुई। सुरक्षा प्रोटोकॉल और तैयारियों को लेकर उठे सवालों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया था।
उच्चस्तरीय समिति ने की थी जांच
मामले की पड़ताल के लिए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई बिंदुओं पर गंभीर कमियां दर्ज की गईं और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई।
रिपोर्ट में अधिकारी की भूमिका पर सवाल
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक अपने निर्धारित दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में असफल रहे। समिति ने पाया कि आवश्यक प्रशासनिक निर्देशों के पालन में कमी रही और सुरक्षा इंतजामों को लेकर अपेक्षित सतर्कता नहीं बरती गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पूरी तरह अनुपालन नहीं किया गया, जिससे व्यवस्था प्रभावित हुई।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
बक्सर के जिला पदाधिकारी द्वारा राज्य सरकार को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर नगर विकास एवं आवास विभाग ने मामले पर विचार किया। विभाग ने माना कि संबंधित अधिकारी का आचरण बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसी आधार पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई।
अगले आदेश तक रहेंगे निलंबित
सरकारी आदेश के मुताबिक बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत कुमार ऋत्विक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनके खिलाफ विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार ने संकेत दिया है कि सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।