NEET Investigation – पुनर्परीक्षा के दिन पीएमसीएच के 47 छात्र अनुपस्थित, जांच तेज…
NEET Investigation – नीट पुनर्परीक्षा से जुड़ी जांच के बीच पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) से एक नया मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, पुनर्परीक्षा वाले दिन एमबीबीएस और पीजी पाठ्यक्रमों के कुल 47 छात्र अनुपस्थित पाए गए। यह स्थिति तब सामने आई है जब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की ओर से मेडिकल छात्रों की पूर्ण उपस्थिति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे।

अनुपस्थित छात्रों को कारण बताने का निर्देश
मामले की जानकारी मिलने के बाद पीएमसीएच प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अनुपस्थित पाए गए 47 छात्रों में से 37 छात्रों ने अपनी गैरहाजिरी की कोई पूर्व सूचना संस्थान को नहीं दी थी। प्रशासन ने सभी संबंधित छात्रों को 24 घंटे के भीतर अनुपस्थिति का कारण बताने और उससे जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कॉलेज प्रशासन ने शुरू की विस्तृत जांच
कॉलेज प्रशासन अब छात्रों की उपस्थिति रिकॉर्ड, उनकी गतिविधियों और अनुपस्थिति के वास्तविक कारणों की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई छात्र संतोषजनक जवाब देने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि अनुपस्थिति केवल संयोग थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण मौजूद है।
गिरफ्तार छात्र की पहचान को लेकर नया तथ्य
इस बीच लखीसराय से गिरफ्तार किए गए पीएमसीएच के एक छात्र को लेकर भी नया खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जानकारी में जिस छात्र का नाम मयंक कश्यप बताया गया था, उसकी पहचान बाद में अश्विनी कुमार के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उस पर परीक्षा केंद्र पर अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एक मित्र की सहायता लेने का आरोप है।
उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सहयोग लेने का आरोप
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपनी मौजूदगी का रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए दूसरे व्यक्ति की मदद ली थी। आरोप है कि जबकि वह स्वयं किसी अन्य कार्य से लखीसराय गया हुआ था, उसी दौरान उसकी उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था की गई। अधिकारियों को यह भी जानकारी मिली है कि कॉलेज के उपस्थिति रिकॉर्ड में मौजूदगी दिखाने के लिए भी सहयोगी छात्रों की सहायता ली गई हो सकती है।
सॉल्वर गैंग से संभावित संबंधों की जांच
जांच एजेंसियां आरोपी के संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, छात्र का नाम कथित सॉल्वर गैंग से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में होने के संदर्भ में सामने आया है। यह भी जांच का विषय है कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में अन्य व्यक्तियों की भूमिका रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।