Cadre Review – आठ वर्षों से लंबित समीक्षा पर बढ़ी सीएसएस अधिकारियों की चिंता
Cadre Review – केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) से जुड़े अधिकारियों के संगठन सीएसएस फोरम ने प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा को पत्र भेजकर लंबे समय से लंबित चौथी कैडर समीक्षा को जल्द पूरा कराने की मांग की है। फोरम का कहना है कि यह समीक्षा वर्ष 2018 में हो जानी चाहिए थी, लेकिन कई वर्षों के इंतजार के बाद भी प्रक्रिया अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सकी है। इससे बड़ी संख्या में अधिकारियों की पदोन्नति प्रभावित हो रही है और सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के बीच असंतोष बढ़ रहा है।

समीक्षा प्रक्रिया में देरी पर उठे सवाल
फोरम द्वारा भेजे गए प्रतिनिधित्व में कहा गया है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने अक्टूबर 2022 में कैडर समीक्षा समिति का गठन कर दिया था। इसके बावजूद समीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। संगठन का कहना है कि इस असामान्य देरी का सीधा असर अधिकारियों की कैरियर प्रगति पर पड़ रहा है और कई पद वर्षों से पुनर्गठन की प्रतीक्षा में हैं।
हजारों अधिकारियों की पदोन्नति प्रभावित
सीएसएस फोरम के अनुसार, केंद्रीय सचिवालय सेवा में 13 हजार से अधिक अधिकारी विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। संगठन का दावा है कि लंबित कैडर समीक्षा के कारण बड़ी संख्या में अधिकारियों को समय पर पदोन्नति नहीं मिल पा रही है। इससे न केवल प्रशासनिक ढांचे पर प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल पर भी नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
अतिरिक्त पदों की आवश्यकता का भी उल्लेख
फोरम ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि लगभग 23 मंत्रालयों और विभागों ने सीएसएस के 2601 अतिरिक्त पदों की आवश्यकता जताई है। संगठन का अनुमान है कि सभी मंत्रालयों से पूरी जानकारी मिलने के बाद यह संख्या 5000 से अधिक तक पहुंच सकती है। ऐसे में कैडर संरचना की समीक्षा और नए पदों का आकलन प्रशासनिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अन्य सेवाओं की समीक्षा पूरी, सीएसएस अब भी प्रतीक्षा में
प्रतिनिधित्व में यह भी कहा गया है कि केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में कई सेवाओं की कैडर समीक्षाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं। डीओपीटी के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 के बाद से केंद्रीय ग्रुप ‘ए’ सेवाओं की 60 कैडर समीक्षाएं तथा अखिल भारतीय सेवाओं की 117 कैडर समीक्षाएं पूरी की जा चुकी हैं। इसके बावजूद केंद्रीय सचिवालय सेवा की समीक्षा लंबित रहना अधिकारियों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है।
समयबद्ध निर्णय की मांग
फोरम ने कहा है कि प्रभावी मानव संसाधन प्रबंधन, प्रशासनिक दक्षता और कर्मचारियों के लिए निष्पक्ष कैरियर अवसर सुनिश्चित करने के लिए नियमित अंतराल पर कैडर समीक्षा आवश्यक है। संगठन का मानना है कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम और प्रेरित प्रशासनिक तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जिसके लिए लंबित प्रक्रियाओं का समय पर निपटारा जरूरी है।
भविष्य के लिए भी सुझाया समाधान
सीएसएस फोरम ने चौथी कैडर समीक्षा को शीघ्र मंजूरी देने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी समीक्षाओं को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने का सुझाव भी दिया है। संगठन ने सिफारिश की है कि आगे की कैडर समीक्षा प्रक्रियाओं को संबंधित प्रभाग के माध्यम से नियमित रूप से संचालित किया जाए ताकि अनावश्यक विलंब से बचा जा सके। फोरम का कहना है कि पदोन्नति और कैरियर प्रगति से जुड़े मामलों में देरी कर्मचारियों के हितों को प्रभावित करती है और इसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।