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Monsoon – देश के कई हिस्सों में बढ़ी बारिश, उत्तर भारत अब भी गर्मी से बेहाल

Monsoon – दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शुरुआती धीमी गति के बाद फिर रफ्तार पकड़ ली है और देश के बड़े हिस्से को अपने दायरे में लेना शुरू कर दिया है। केरल में प्रवेश करने के बाद मानसून अब तक 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में यह और आगे बढ़ते हुए पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्रों में भी सक्रिय हो जाएगा। दूसरी ओर, उत्तर भारत के कई राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।

कई राज्यों में तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मानसून फिलहाल केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों तक पहुंच चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आगामी तीन से चार दिनों के भीतर इसके उत्तर बंगाल क्षेत्र तक पहुंचने की संभावना है।

मौसम की मौजूदा परिस्थितियां छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के शेष इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। इससे इन क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में अच्छी बारिश

मानसून की सक्रियता के कारण दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई है। केरल, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी व्यापक वर्षा देखने को मिली है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय के कुछ इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी उल्लेखनीय वर्षा हुई है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदल सकता है मौसम

मौसम विशेषज्ञों ने संकेत दिए हैं कि 11 जून के आसपास पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में मौसम बदलने की संभावना है।

यदि यह प्रणाली अपेक्षित रूप से सक्रिय होती है तो कई स्थानों पर बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बारिश होने के आसार बन सकते हैं। इससे लंबे समय से जारी गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

उत्तर भारत में जारी है गर्मी का प्रकोप

मानसून की प्रगति के बावजूद उत्तर भारत के अधिकांश हिस्से अभी भी तेज गर्मी की चपेट में हैं। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया है।

राजस्थान का श्रीगंगानगर सोमवार को देश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हरियाणा के रोहतक में पारा 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ और वाराणसी में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा। दिल्ली में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया।

आने वाले दिनों पर टिकी निगाहें

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिन देश के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। जहां एक ओर मानसून का विस्तार जारी रहेगा, वहीं दूसरी ओर उत्तर भारत में गर्मी और वर्षा के बीच संतुलन बनने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की आगे की प्रगति से कई राज्यों को गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

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