Babadham – सावन के बाद भी होगी स्पर्श पूजा, अरघा व्यवस्था पर सामने आई स्थिति
Babadham- सावन 2026 की शुरुआत से पहले झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम को लेकर एक चर्चा तेजी से फैल रही है कि इस बार सावन में लगाए जाने वाले अरघा को स्थायी रूप से नहीं हटाया जाएगा और भविष्य में श्रद्धालु शिवलिंग की स्पर्श पूजा नहीं कर सकेंगे। इस चर्चा के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मन में भ्रम की स्थिति बन गई है। हालांकि, मंदिर से जुड़े अधिकृत पदाधिकारियों ने इस दावे को सही नहीं माना है और स्पष्ट किया है कि वर्तमान व्यवस्था में कोई स्थायी बदलाव नहीं किया गया है।

अरघा को लेकर क्यों फैल रही है यह चर्चा?
हाल के वर्षों में देश के कई ज्योतिर्लिंगों में भीड़ प्रबंधन और शिवलिंग के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अरघा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। ऐसे स्थानों पर श्रद्धालु जलाभिषेक तो कर सकते हैं, लेकिन शिवलिंग का स्पर्श नहीं कर पाते। इसी वजह से बाबा बैद्यनाथ धाम को लेकर भी यह चर्चा शुरू हो गई कि यहां भी अरघा हमेशा के लिए लगा रहेगा। विशेष रूप से सावन के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए इस तरह की अटकलों ने और जोर पकड़ लिया।
मंदिर प्रबंधन ने बताई वास्तविक व्यवस्था
देवघर की पंडा धर्म रक्षिणी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चन्द्र शेखर खवाड़े ने इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सावन के दौरान हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए अरघा लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है। सावन समाप्त होने के बाद अरघा हटा दिया जाएगा और पहले की तरह स्पर्श पूजा फिर से शुरू होगी। उन्होंने लोगों से अपुष्ट जानकारियों पर भरोसा न करने की अपील भी की।
श्रद्धालुओं के लिए नई वैकल्पिक सुविधा
इस वर्ष सावन में आने वाले भक्तों के लिए एक अतिरिक्त व्यवस्था भी की जा रही है। ऐसे श्रद्धालु जो मुख्य अरघा तक जाने वाली लंबी कतार में शामिल नहीं होना चाहते या किसी कारणवश वहां तक पहुंचने में असमर्थ हैं, उनके लिए बाह्य अरघा की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस विकल्प के माध्यम से श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश किए बिना भी जलाभिषेक कर सकेंगे। यह व्यवस्था निकास द्वार के उत्तर दिशा में स्थापित की जाएगी, जहां से बाबा का नीर प्रवाहित होता है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह केवल एक वैकल्पिक सुविधा है और मुख्य दर्शन व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी।
सावन में शीघ्रदर्शनम शुल्क रहेगा अधिक
बाबा बैद्यनाथ धाम में सामान्य दिनों में श्रद्धालुओं के लिए दो प्रकार की दर्शन व्यवस्था रहती है। पहली सामान्य कतार और दूसरी झारखंड सरकार की शीघ्रदर्शनम सेवा। सामान्य दिनों में इस सुविधा का शुल्क 300 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित है, लेकिन सावन, शिवरात्रि, त्रिपंचमी, भादो और नववर्ष जैसे विशेष अवसरों पर इसका शुल्क 600 रुपये प्रति व्यक्ति हो जाता है। इस सुविधा का उद्देश्य केवल कम समय में दर्शन कराना है। गर्भगृह के निकट पहुंचने पर शीघ्रदर्शनम और सामान्य कतार एक ही मार्ग से आगे बढ़ती हैं।
लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं बाबा धाम
हर वर्ष सावन के महीने में देशभर से लाखों कांवरिये बिहार के सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ गंगा घाट से पवित्र गंगाजल लेकर देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्पर्श पूजा स्थायी रूप से बंद किए जाने संबंधी चर्चा तथ्यात्मक नहीं है और सावन के बाद पहले की तरह श्रद्धालुओं को स्पर्श पूजा की सुविधा उपलब्ध रहेगी।