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EbolaAid – युगांडा में इबोला संकट के बीच भारत ने भेजी बड़ी चिकित्सा सहायता

EbolaAid – इबोला वायरस के प्रकोप से जूझ रहे युगांडा की मदद के लिए भारत ने एक और महत्वपूर्ण मानवीय कदम उठाया है। भारतीय वायु सेना के विशेष परिवहन विमान सी-17 ग्लोबमास्टर-III के माध्यम से बड़ी मात्रा में चिकित्सा राहत सामग्री अफ्रीकी देश पहुंचाई गई। इस पहल का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है। भारत की यह सहायता अफ्रीकी संघ आयोग के अनुरोध पर उपलब्ध कराई गई है।

भारतीय वायु सेना ने संभाली राहत अभियान की जिम्मेदारी

भारतीय वायु सेना ने इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए राहत सामग्री युगांडा तक पहुंचाई। वायु सेना ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में तेजी से सहायता पहुंचाना भारत की मानवीय प्रतिबद्धता और परिचालन क्षमता का परिचायक है। यह अभियान अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति भारत के सक्रिय दृष्टिकोण को भी दर्शाता है।

पहले चरण में भेजी गई थी 2.5 टन सामग्री

विदेश मंत्रालय के अनुसार, राहत अभियान की शुरुआत मई के अंतिम सप्ताह में हुई थी। 24 मई को लगभग 2.5 टन चिकित्सा सामग्री की पहली खेप कंपाला भेजी गई थी। इस खेप में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सुरक्षा उपकरण, रोग निगरानी से जुड़े उपकरण, आवश्यक दवाएं और पोषण संबंधी सामग्री शामिल थीं। इन संसाधनों का उपयोग इबोला संक्रमण की रोकथाम और प्रभावित लोगों की देखभाल में किया जा रहा है।

दूसरी खेप में पहुंची 43 टन से अधिक राहत सामग्री

अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) से प्राप्त आवश्यकताओं की सूची के आधार पर भारत ने दूसरी और कहीं बड़ी खेप तैयार की। लगभग 43 टन चिकित्सा सामग्री से लैस यह खेप 2 जून को युगांडा की राजधानी कंपाला पहुंची। राहत सामग्री को अफ्रीका सीडीसी के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि इबोला नियंत्रण अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।

चिकित्सा उपकरणों से लेकर दवाओं तक शामिल

दूसरी खेप में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, संक्रमण की जांच और निगरानी से जुड़े संसाधन, नमूनों के सुरक्षित परिवहन के लिए किट, संक्रमण नियंत्रण सामग्री, जरूरी दवाएं और अन्य स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। इन संसाधनों का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाना और संक्रमण की पहचान एवं रोकथाम की प्रक्रिया को मजबूत करना है।

अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग पर भारत का जोर

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह सहायता अफ्रीकी देशों के साथ भारत के गहरे सहयोग और साझेदारी का उदाहरण है। मंत्रालय के अनुसार, सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों के दौरान भारत लगातार अपने साझेदार देशों के साथ खड़ा रहा है और आगे भी सहयोग जारी रखेगा। भारत की यह पहल वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अफ्रीका सीडीसी ने जताया आभार

अफ्रीका सीडीसी ने भारत द्वारा भेजी गई चिकित्सा सहायता का स्वागत करते हुए इसे इबोला नियंत्रण प्रयासों के लिए अहम बताया है। संस्था का कहना है कि यह सहयोग विशेष रूप से उन क्षेत्रों में चल रहे स्वास्थ्य अभियानों को मजबूती देगा, जहां संक्रमण के खतरे को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है। संस्था ने भारत सरकार और भारतीय नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे मानवीय सहयोग का मजबूत उदाहरण बताया।

लगातार संपर्क में हैं भारतीय मिशन

विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि अदीस अबाबा और कंपाला स्थित भारतीय मिशन अफ्रीकी संघ आयोग और अफ्रीका सीडीसी के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। इस समन्वय के जरिए राहत सामग्री की आपूर्ति और उसके प्रभावी उपयोग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि जरूरतमंद क्षेत्रों तक सहायता समय पर पहुंच सके।

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