FuelPrice – देहरादून समेत कई शहरों में पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा
FuelPrice – देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। सोमवार को तेल कंपनियों की ओर से नई दरें लागू किए जाने के बाद उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी ईंधन के दाम बढ़ गए। नई कीमतों के अनुसार पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है, जबकि डीजल के दाम में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों के घरेलू बजट और परिवहन क्षेत्र पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

देहरादून में पेट्रोल की कीमत में 2.55 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। इसके बाद अब यहां पेट्रोल 100.50 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल की कीमत में 2.72 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद इसकी नई दर 95.90 रुपये प्रति लीटर हो गई है। प्रीमियम श्रेणी के एक्सपी 95 पेट्रोल के दाम भी बढ़कर 108.93 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए हैं।
लगातार चौथी बार बढ़े ईंधन के दाम
तेल कंपनियों ने पिछले कुछ दिनों में कई बार कीमतों में संशोधन किया है। बीते 10 दिनों के भीतर यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। सोमवार को देश के विभिन्न शहरों में पेट्रोल की कीमत में करीब 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में लगभग 2.71 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इससे पहले शनिवार को भी ईंधन की कीमतों में 87 से 91 पैसे तक की वृद्धि हुई थी। लगातार बढ़ती कीमतों ने वाहन चालकों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है। टैक्सी, बस और माल परिवहन सेवाओं पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
राजधानी दिल्ली में भी बढ़ी कीमतें
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी नई दरें लागू होने के बाद पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। वहीं डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई। महानगरों में लगातार बढ़ रही ईंधन दरों के कारण लोगों के मासिक खर्च में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से परिवहन लागत में इजाफा होता है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों पर भी पड़ सकता है। खासकर उन लोगों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ता है जो रोजाना निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं।
परिवहन और व्यापार पर असर की आशंका
ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से सार्वजनिक परिवहन सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी। इसका असर बाजार में सामान की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
स्थानीय वाहन चालकों और उपभोक्ताओं ने भी बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताई है। कई लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। खासकर मध्यम वर्ग और दैनिक यात्रा करने वाले लोगों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार पर टिकी नजर
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों का असर घरेलू ईंधन दरों पर पड़ता है। तेल कंपनियां समय-समय पर बाजार परिस्थितियों के अनुसार कीमतों में बदलाव करती हैं।
हालांकि फिलहाल लोगों को राहत मिलने के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में नरमी नहीं आती, तो घरेलू बाजार में भी ईंधन की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं।