उत्तराखण्ड

CharDhamYatra – यात्रा के दौरान दो श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने से हुई मौत

CharDhamYatra – उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के दौरान दो और श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। दोनों यात्रियों की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें जानकीचट्टी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई है।

मृतकों में महाराष्ट्र निवासी 62 वर्षीय वंदना विजय सिंह बघेल और गुजरात के 68 वर्षीय पटेल नितिन भाई बालू भाई शामिल हैं। दोनों अलग-अलग समय पर यात्रा मार्ग में अचेत अवस्था में पाए गए थे।

स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत

जानकारी के मुताबिक यात्रा के दौरान दोनों श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत खराब हो गई। आसपास मौजूद लोगों और प्रशासनिक टीम की मदद से उन्हें तुरंत जानकीचट्टी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हालांकि डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।

स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर अखिल राणा ने बताया कि प्राथमिक जांच में दोनों की मौत हार्ट अटैक के कारण होने की आशंका है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

लगातार बढ़ रही मौतों की संख्या

चारधाम यात्रा के दौरान इस वर्ष अब तक कई श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार मौजूदा यात्रा सीजन में मृतकों की संख्या बढ़कर दस तक पहुंच गई है। इनमें अधिकतर मामलों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आई हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की कमी, मौसम में बदलाव और लंबी पैदल चढ़ाई बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकती है।

प्रशासन ने जारी की स्वास्थ्य सलाह

यात्रा मार्ग पर लगातार बढ़ती स्वास्थ्य घटनाओं को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। श्रद्धालुओं से कहा गया है कि यात्रा शुरू करने से पहले स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं और यदि किसी को हृदय, सांस या अन्य गंभीर बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही यात्रा करें।

इसके अलावा यात्रा मार्ग पर मेडिकल टीमों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी सतर्क रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि आपात स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।

मौसम और ऊंचाई बन रहे चुनौती

चारधाम यात्रा मार्ग में लगातार बदलता मौसम और ऊंचाई कई यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त आराम, पानी का सेवन और शरीर की क्षमता के अनुसार यात्रा करना जरूरी है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी तरह की तबीयत खराब होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

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