स्वास्थ्य

HealthTips – गर्मियों में बार-बार सर्दी-जुकाम के पीछे छिपे कारण

HealthTips – गर्मी के मौसम में सर्दी, जुकाम और गले में खराश की शिकायत सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन बड़ी संख्या में लोग इस समस्या का सामना करते हैं। कई बार लोग इसे सामान्य मौसमी बदलाव समझकर अनदेखा कर देते हैं, जबकि इसके पीछे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता और तापमान में अचानक बदलाव जैसी वजहें हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति को आमतौर पर “कोल्ड शॉक” से जोड़कर देखा जाता है।

डॉक्टर बताते हैं कि तेज गर्मी और अत्यधिक ठंडे माहौल के बीच बार-बार आने-जाने से शरीर का संतुलन प्रभावित होता है। इसका असर इम्युनिटी पर पड़ता है और व्यक्ति जल्दी सर्दी-जुकाम की चपेट में आ सकता है। ऐसे में गर्मियों में भी स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी मानी जाती है।

अचानक तापमान बदलने से बढ़ती है परेशानी

विशेषज्ञों के मुताबिक, तेज धूप से आने के तुरंत बाद एयर कंडीशनर वाले कमरे में बैठना शरीर पर अचानक दबाव डालता है। इससे शरीर के तापमान में तेजी से बदलाव होता है, जिसे कई लोग महसूस नहीं कर पाते। यही स्थिति कई बार गले में खराश, सिर दर्द और नाक बंद होने जैसी समस्याओं का कारण बनती है।

डॉक्टर सलाह देते हैं कि बाहर से आने के बाद कुछ समय सामान्य तापमान में बिताना चाहिए। इसके अलावा तुरंत बहुत ठंडा पानी पीने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे गले पर असर पड़ सकता है।

एयर कंडीशनर का लगातार इस्तेमाल भी वजह

गर्मियों में लंबे समय तक एयर कंडीशनर में रहने से शरीर को आराम जरूर मिलता है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग कई स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा कर सकता है। लगातार ठंडी और सूखी हवा के संपर्क में रहने से गले की नमी कम होने लगती है। इससे गला सूखना, खराश और हल्का संक्रमण जैसी परेशानी हो सकती है।

कई लोगों को सुबह उठते ही छींक, नाक बहना या सिर भारी लगने की शिकायत रहती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एसी का तापमान संतुलित रखना जरूरी है। सामान्य तौर पर 24 से 26 डिग्री सेल्सियस का तापमान शरीर के लिए बेहतर माना जाता है।

ज्यादा ठंडी चीजें खाना भी नुकसानदायक

गर्मी में लोग राहत पाने के लिए आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और फ्रिज का बेहद ठंडा पानी अधिक मात्रा में लेने लगते हैं। हालांकि, अत्यधिक ठंडी चीजों का सेवन गले की संवेदनशील परत को प्रभावित कर सकता है। इससे गले में जलन, खराश और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टरों का मानना है कि लगातार ठंडी चीजें लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि कुछ लोगों को गर्मियों में भी बार-बार सर्दी-जुकाम होने लगता है।

धूल और एलर्जी भी बनती है कारण

गर्म मौसम में हवा में धूल और प्रदूषण की मात्रा बढ़ जाती है। यह धूल सांस के जरिए शरीर में पहुंचकर एलर्जी और संक्रमण की समस्या पैदा कर सकती है। जिन लोगों को पहले से एलर्जी की शिकायत होती है, उन्हें गर्मियों में ज्यादा परेशानी महसूस हो सकती है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। घर लौटने के बाद हाथ और चेहरा अच्छी तरह साफ करना भी जरूरी माना जाता है। नियमित सफाई और पर्याप्त पानी पीने से शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद मिल सकती है।

गर्मियों में इम्युनिटी का ध्यान रखना जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में केवल धूप से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखना भी जरूरी है। संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद और शरीर को हाइड्रेट रखना इस मौसम में बेहद अहम माना जाता है।

यदि सर्दी-जुकाम या गले की समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है। समय रहते सावधानी बरतने से “कोल्ड शॉक” जैसी स्थितियों से आसानी से बचा जा सकता है।

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