FactoryBlast – इंदौर अग्निकांड में बिहार के कई मजदूरों की मौत से फैला मातम
FactoryBlast – मध्य प्रदेश के इंदौर में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आग की घटना ने बिहार के अररिया जिले के कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। हादसे में नरपतगंज प्रखंड के मजदूरों की मौत और कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर के बाद गांवों में मातम पसरा हुआ है। परिजन अब भी अपने लापता सदस्यों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। गांव का माहौल इतना दुखद है कि कई घरों में पिछले कई दिनों से चूल्हा तक नहीं जला है।

जानकारी के अनुसार, मानिकपुर पंचायत और आसपास के गांवों के कई युवक करीब छह महीने पहले रोजगार की तलाश में इंदौर गए थे। वहां वे एक पटाखा फैक्ट्री में काम कर परिवार का गुजारा चला रहे थे। 14 मई को फैक्ट्री में अचानक विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग ने विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में कई मजदूर उसकी चपेट में आ गए।
दो युवकों की मौत से गांव में शोक
हादसे में भवानीपुर गांव निवासी 25 वर्षीय धीरज कुमार की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं गांव के ही बबलू कुमार अब भी लापता बताए जा रहे हैं। परिवार लगातार प्रशासन और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है। घर में माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इसी घटना में गोखलापुर गांव के 18 वर्षीय अमन कुमार की भी जान चली गई। शनिवार देर शाम जब उनका शव गांव पहुंचा तो माहौल बेहद भावुक हो गया। परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा रहा।
परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे मजदूर
स्थानीय लोगों के मुताबिक अमन कुमार अपने परिवार के सबसे बड़े बेटे थे और घर की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। उनकी कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था। वहीं धीरज कुमार भी मजदूरी कर अपने बुजुर्ग माता-पिता का सहारा बने हुए थे। दोनों युवकों की शादी नहीं हुई थी और वे बेहतर भविष्य की उम्मीद में घर से दूर काम कर रहे थे।
ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवारों के ये बेटे रोजी-रोटी की तलाश में बाहर गए थे, लेकिन हादसे ने सबकुछ बदल दिया। कई परिवार अब आर्थिक संकट की चिंता में डूबे हुए हैं।
कई मजदूर अस्पताल में भर्ती
इस अग्निकांड में कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायल मजदूरों में अभिषेक कुमार, पिंटू कुमार, अजय कुमार, लालटू कुमार और रामवृक्ष पासवान शामिल हैं। सभी का इलाज इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। कुछ घायलों की हालत अब भी चिंताजनक बताई जा रही है।
उधर, कुछ मजदूर सुरक्षित अपने गांव लौट आए हैं। घर पहुंचने पर परिजनों ने उन्हें गले लगाकर राहत की सांस ली। कई परिवारों की आंखों में खुशी और दर्द दोनों एक साथ दिखाई दिए।
ग्रामीणों ने सरकार से मदद मांगी
घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं, उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता और सरकारी मदद मिलनी चाहिए।
पूर्व पंचायत समिति सदस्य मोहम्मद इब्राहिम ने बताया कि गांव के लोग लगातार पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। प्रशासन से लापता मजदूरों की तलाश तेज करने और घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
प्रशासन ने शुरू की प्रक्रिया
नरपतगंज प्रखंड प्रशासन की ओर से बताया गया कि मृतक और घायल मजदूरों के परिवारों से संपर्क किया गया है। संबंधित रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। प्रशासन का कहना है कि आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।