लेटेस्ट न्यूज़

BRICS – नई दिल्ली बैठक के बाद चीन ने की भारत की सराहना

BRICS – नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद भारत और चीन के बीच कूटनीतिक स्तर पर सकारात्मक संदेश देखने को मिला है। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने बैठक के सफल आयोजन के लिए भारत सरकार को बधाई दी और कहा कि इस मंच ने वैश्विक मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच सार्थक संवाद को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

14 और 15 मई को आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स समूह के सदस्य देशों ने बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात, आर्थिक सहयोग और वैश्विक चुनौतियों जैसे विषयों पर चर्चा की। चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी की अनुपस्थिति में राजदूत शू फेइहोंग ने प्रतिनिधित्व किया।

वैश्विक परिस्थितियों पर हुई विस्तृत चर्चा

चीनी राजदूत ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया कई तरह की राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे दौर में ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच देशों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान सदस्य देशों ने कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर और रचनात्मक तरीके से विचार साझा किए।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक संतुलन और विकास को बनाए रखने के लिए उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय जरूरी है। राजदूत के अनुसार, बैठक का माहौल सकारात्मक और सहयोगपूर्ण रहा, जिससे भविष्य में साझा प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।

सहयोग बढ़ाने पर चीन का जोर

शू फेइहोंग ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि चीन ब्रिक्स देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के बीच एकजुटता और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए चीन लगातार प्रतिबद्ध रहेगा। उनका कहना था कि आर्थिक विकास, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।

उन्होंने भारत की मेजबानी की भी सराहना की और कहा कि बैठक का आयोजन सुव्यवस्थित तरीके से किया गया। कूटनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर कई रणनीतिक मुद्दों पर देशों के बीच नए समीकरण बन रहे हैं।

ब्रिक्स मंच की बढ़ती भूमिका

ब्रिक्स समूह को दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का अहम मंच माना जाता है। इसमें भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। हाल के वर्षों में इस संगठन की भूमिका वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक चर्चाओं में लगातार बढ़ी है। सदस्य देश व्यापार, विकास, ऊर्जा और वित्तीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में आपसी तालमेल मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।

नई दिल्ली में हुई इस बैठक को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच ब्रिक्स देशों की एकजुटता आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय नीतियों को प्रभावित कर सकती है।

भारत की कूटनीतिक सक्रियता पर नजर

बैठक के आयोजन को भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका के रूप में भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत लगातार बहुपक्षीय मंचों पर अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है और वैश्विक मुद्दों पर संतुलित नेतृत्व की कोशिश कर रहा है। चीन की ओर से आया यह सकारात्मक संदेश दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.