SchoolCampus – देहरादून स्कूल परिसर मामले पर महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
SchoolCampus – उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने देहरादून के एक स्कूल परिसर से जुड़े कथित देह व्यापार मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद आयोग ने जिला प्रशासन से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास इस तरह की गतिविधियां किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकतीं।

आयोग की ओर से जिलाधिकारी को मामले की गहन जांच कराने और इससे जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि स्कूल जैसे स्थान बच्चों और युवाओं के भविष्य निर्माण के केंद्र होते हैं। ऐसे स्थानों के आसपास किसी भी तरह की अवैध गतिविधि समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति या समूह की संलिप्तता सामने आती है तो कानून के तहत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से यह भी कहा कि मामले में केवल सतही जांच न की जाए, बल्कि पूरे नेटवर्क और इसके संचालन से जुड़े लोगों की पहचान की जाए। आयोग का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
शिक्षण संस्थानों के आसपास निगरानी बढ़ाने के निर्देश
महिला आयोग ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को शिक्षण संस्थानों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए हैं। आयोग ने विशेष रूप से शराब, नशे और अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े संभावित केंद्रों की जांच पर जोर दिया है।
प्रशासन से कहा गया है कि स्कूलों और कॉलेजों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाने की सलाह दी गई है।
अभिभावकों से भी सतर्क रहने की अपील
कुसुम कंडवाल ने अभिभावकों से भी बच्चों की गतिविधियों और उनके सामाजिक माहौल पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में माता-पिता की जिम्मेदारी और बढ़ गई है, क्योंकि बच्चों को गलत संगत और अपराध से दूर रखना बेहद जरूरी है।
उनके अनुसार, केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज और परिवार की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण देना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है और आयोग को विस्तृत रिपोर्ट भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
घटना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। कई सामाजिक संगठनों ने शैक्षणिक परिसरों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई है।