BRICS – पश्चिम एशिया तनाव पर भारत और ईरान के बीच होगी अहम चर्चा
BRICS – विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। नई दिल्ली में आयोजित बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव, उसके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और भारत-ईरान संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब क्षेत्रीय हालात को लेकर वैश्विक स्तर पर लगातार चिंता व्यक्त की जा रही है।

एस जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच खुलकर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों और उससे पैदा हो रहे वैश्विक असर पर गंभीर चर्चा की गई। इसके साथ ही आपसी सहयोग और साझा हितों से जुड़े विषयों पर भी दोनों पक्षों ने अपने विचार रखे।
ब्रिक्स मंच पर बढ़ा कूटनीतिक संवाद
भारत में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान यह मुलाकात खास मानी जा रही है। जयशंकर ने कहा कि भारत वर्ष 2026 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा और ऐसे समय में सदस्य देशों के बीच लगातार संवाद बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने ईरान की सक्रिय भागीदारी की भी सराहना की।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिक्स जैसे मंच सदस्य देशों को रणनीतिक बातचीत का अवसर दे रहे हैं। भारत और ईरान लंबे समय से ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषयों पर साझेदारी बनाए हुए हैं। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच यह संवाद और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और अराघची की भी हुई मुलाकात
इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की थी। यह बातचीत भी ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता, बहुपक्षीय सहयोग और आपसी संबंधों को मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में वैश्विक चुनौतियों और बदलते भू-राजनीतिक हालात पर भी विचार किया गया। भारत और ईरान के बीच लंबे समय से रणनीतिक सहयोग बना हुआ है और दोनों देश विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी संवाद बनाए रखते हैं।
अमेरिका पर अराघची की तीखी टिप्पणी
ब्रिक्स बैठक के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका की नीतियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश लंबे समय से बाहरी दबाव और राजनीतिक प्रभाव का सामना कर रहे हैं। उनके मुताबिक अब समय आ गया है कि ब्रिक्स देश मिलकर ऐसी चुनौतियों के खिलाफ एकजुट रुख अपनाएं।
अराघची ने अपने संबोधन में कहा कि कई देशों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दबाव की राजनीति का सामना किया है। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए यह भी कहा कि वैश्विक शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है और कई राष्ट्र अब पहले से अधिक करीब आ रहे हैं। उनके बयान को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
नई दिल्ली में जुटे कई देशों के प्रतिनिधि
14 और 15 मई को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में कई सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव और वैश्विक राजनीतिक बदलावों के बीच इस बैठक को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभिन्न देशों के नेता आपसी सहयोग, सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी जैसे विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।