लाइफ स्टाइल

CoolerCare – जानिए गर्मियों में कितने दिन बाद बदलना चाहिए कूलर का पानी…

CoolerCare – गर्मी बढ़ते ही घरों में कूलर का इस्तेमाल तेजी से शुरू हो जाता है। तेज धूप और गर्म हवाओं से राहत पाने के लिए आज भी बड़ी संख्या में लोग कूलर पर निर्भर रहते हैं। कूलर सही तरीके से काम करे और उससे ठंडी हवा मिलती रहे, इसके लिए केवल पानी भरना ही काफी नहीं होता। समय-समय पर पानी बदलना और टैंक की सफाई करना भी बेहद जरूरी माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक एक ही पानी का इस्तेमाल करने से कूलर के अंदर गंदगी, बदबू और बैक्टीरिया पनपने की संभावना बढ़ सकती है। इससे न केवल हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी हो सकती है।

कूलर में पानी क्यों जरूरी होता है

कूलर की ठंडी हवा का पूरा सिस्टम पानी पर आधारित होता है। जब टैंक में पानी भरा जाता है तो कूलर के पैड या घास गीले रहते हैं। पंखे की मदद से हवा इन गीले पैड्स से होकर गुजरती है, जिससे ठंडी हवा कमरे में फैलती है।

यदि कूलर बिना पानी के चलाया जाए तो वह केवल सामान्य पंखे की तरह हवा देता है और ठंडक महसूस नहीं होती। यही वजह है कि गर्मियों में कूलर के टैंक में पर्याप्त पानी बनाए रखना जरूरी माना जाता है।

कितने दिन बाद बदलना चाहिए पानी

घरेलू उपयोग के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कूलर का पानी हर दो दिन में बदल देना बेहतर होता है। इससे पानी ताजा बना रहता है और टैंक में गंदगी जमा होने की संभावना कम हो जाती है।

हालांकि यदि रोज पानी बदलना संभव न हो तो कम से कम पांच से सात दिनों के भीतर पानी जरूर बदल लेना चाहिए। लंबे समय तक एक ही पानी रहने से उसमें बदबू आने लगती है और मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ सकता है। पानी का स्तर कम होने पर नया पानी ऊपर से डाला जा सकता है, लेकिन समय-समय पर पूरा टैंक खाली करके साफ करना जरूरी माना जाता है।

सफाई का भी रखें खास ध्यान

कई लोग केवल पानी भरने को ही पर्याप्त समझते हैं, जबकि कूलर की नियमित सफाई भी उतनी ही जरूरी होती है। पानी बदलते समय टैंक को अच्छी तरह साफ करना चाहिए ताकि उसमें जमी धूल या काई हट सके।

इसके अलावा पानी सप्लाई करने वाले पाइप और मोटर की भी जांच करनी चाहिए। अगर पाइप में गंदगी या रुकावट हो तो पानी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और कूलिंग कम हो जाती है। साफ-सफाई से कूलर की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है और हवा भी ताजा महसूस होती है।

कितना पानी भरना सही माना जाता है

कूलर में जरूरत से ज्यादा या बहुत कम पानी भरना दोनों ही सही नहीं माना जाता। अधिकतर कूलर में अधिकतम पानी स्तर का निशान दिया जाता है, जहां तक पानी भरना उचित माना जाता है।

लोहे के कूलर में आमतौर पर ढक्कन के नीचे एक पट्टी बनी होती है, जो पानी की सही सीमा दिखाती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कूलर में सामान्य तापमान वाला साफ पानी ही इस्तेमाल करना चाहिए। बहुत गर्म पानी डालने से कूलिंग प्रभाव कम हो सकता है।

नियमित देखभाल से मिलती है बेहतर ठंडक

गर्मी के पूरे मौसम में कूलर का लगातार इस्तेमाल होता है, इसलिए उसकी देखभाल भी नियमित रूप से जरूरी हो जाती है। समय पर पानी बदलना, टैंक साफ रखना और सही मात्रा में पानी भरना न केवल बेहतर ठंडक देता है बल्कि मशीन की उम्र भी बढ़ाने में मदद करता है।

साफ कूलर से निकलने वाली हवा स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहतर मानी जाती है। इसलिए छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर गर्मियों में कूलर की कार्यक्षमता को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.