राष्ट्रीय

SecurityJobs – एसपीजी में डीआईजी स्तर के आईपीएस अधिकारियों की तलाश तेज…

SecurityJobs – प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालने वाली स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) में डीआईजी रैंक के आईपीएस अधिकारियों की कमी को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों से सहयोग मांगा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अधिकांश राज्यों के मुख्य सचिवों को संदेश भेजकर योग्य और इच्छुक अधिकारियों के नाम जल्द भेजने को कहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एसपीजी में प्रतिनियुक्ति के लिए अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता है और चयन प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।

राज्यों को भेजा गया विशेष निर्देश

गृह मंत्रालय की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के मुख्य सचिव इस सूचना को अधिकतम आईपीएस अधिकारियों तक पहुंचाएं। मंत्रालय चाहता है कि पात्र अधिकारी समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें ताकि रिक्त पदों को जल्द भरा जा सके।

एसपीजी में डीआईजी स्तर पर नियुक्ति के लिए कम से कम 14 वर्ष की सेवा अनिवार्य रखी गई है। प्रतिनियुक्ति पर आने वाले अधिकारियों की प्रोफेशनल क्षमता, सुरक्षा संचालन का अनुभव और नेतृत्व कौशल भी महत्वपूर्ण माना जाएगा। राज्यों से यह भी कहा गया है कि आवेदन के साथ संबंधित अधिकारी का विजिलेंस स्टेटस अनिवार्य रूप से भेजा जाए।

कई केंद्रीय एजेंसियों में भी खाली हैं पद

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार लंबे समय से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की कमी का सामना कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसियों, अर्धसैनिक बलों और कई सुरक्षा संगठनों में डीआईजी स्तर के पद पूरी तरह नहीं भर पाए हैं। इसी बीच हाल के महीनों में एसपीजी से कुछ अधिकारियों को उनके मूल कैडर में वापस भेजा गया था, जिसके बाद नई नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज की गई है।

अधिकारियों का मानना है कि प्रधानमंत्री और अन्य संरक्षित व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत बनाए रखने के लिए अनुभवी अधिकारियों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। यही वजह है कि केंद्र ने इस प्रक्रिया को तेज करने के संकेत दिए हैं।

उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए जानी जाती है एसपीजी

एसपीजी देश की सबसे विशेष सुरक्षा इकाइयों में गिनी जाती है। यह बल प्रधानमंत्री और अन्य निर्धारित संरक्षित व्यक्तियों की नजदीकी सुरक्षा का जिम्मा संभालता है। संगठन के अधिकारियों को अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक, संकट प्रबंधन और हाई रिस्क ऑपरेशन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

एसपीजी की कार्यप्रणाली में “शून्य त्रुटि” की नीति को प्रमुख माना जाता है। संगठन अपने सुरक्षा मानकों को लगातार आधुनिक बनाने के लिए नई तकनीकों और रणनीतियों का उपयोग करता है। राज्य पुलिस, खुफिया एजेंसियों और अन्य सुरक्षा बलों के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा घेरा तैयार किया जाता है।

कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कर चुके हैं अधिकारी

एसपीजी के अधिकारियों और कर्मियों को उनकी सेवाओं के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। अब तक संगठन से जुड़े अधिकारियों को एक शौर्य चक्र, 46 राष्ट्रपति पुलिस पदक और 358 पुलिस पदक प्रदान किए जा चुके हैं। संगठन के पहले निदेशक को पद्मश्री सम्मान भी मिला था।

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एसपीजी का प्रशिक्षण और संचालन स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप माना जाता है। संगठन के जवानों और अधिकारियों को हर परिस्थिति में त्वरित निर्णय लेने और जोखिम उठाने के लिए तैयार किया जाता है। यही कारण है कि एसपीजी को दुनिया की प्रमुख सुरक्षा इकाइयों में शामिल किया जाता है।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.