HealthTips – दही और छाछ में क्या है ज्यादा फायदेमंद, जानिए सही विकल्प
HealthTips – गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखने के लिए लोग अक्सर दही और छाछ का सेवन करते हैं। दोनों ही दूध से बनने वाले पारंपरिक खाद्य पदार्थ हैं और भारतीय खानपान का अहम हिस्सा माने जाते हैं। हालांकि कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि स्वास्थ्य के लिहाज से दही बेहतर है या फिर छाछ। दोनों के अपने अलग फायदे हैं और इन्हें शरीर की जरूरत के अनुसार चुना जा सकता है।

पाचन के लिए कौन ज्यादा फायदेमंद
दही में प्रोबायोटिक तत्व पाए जाते हैं, जो पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है। दूसरी ओर छाछ हल्की होती है और इसे पचाना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। भोजन के बाद छाछ पीने से पेट में भारीपन और गैस जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को पाचन संबंधी दिक्कतें रहती हैं, उनके लिए छाछ अधिक लाभकारी साबित हो सकती है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होने से शरीर को हाइड्रेशन भी मिलता है। वहीं दही शरीर को ऊर्जा और पोषण देने में मदद करती है।
पोषण के मामले में दोनों का महत्व
दही में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यह हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। छाछ में भी कैल्शियम और मिनरल्स मौजूद होते हैं, लेकिन इसमें फैट और कैलोरी की मात्रा दही की तुलना में कम होती है।
जो लोग वजन नियंत्रित रखना चाहते हैं, वे छाछ को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। वहीं बच्चों, बुजुर्गों और अधिक शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों के लिए दही पौष्टिक विकल्प मानी जाती है। दोनों का सेवन संतुलित मात्रा में करना फायदेमंद माना जाता है।
गर्मी में क्यों बढ़ जाता है सेवन
गर्मियों के दौरान शरीर में पानी की कमी और थकान की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में छाछ शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। कई लोग इसमें जीरा, पुदीना और काला नमक मिलाकर पीना पसंद करते हैं, जिससे इसका स्वाद और लाभ दोनों बढ़ जाते हैं।
दही भी गर्मियों में शरीर को ठंडक देने का काम करती है, लेकिन कुछ लोगों को इसे रात के समय खाने से बचने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद के अनुसार, रात में दही का सेवन कुछ लोगों में कफ बढ़ा सकता है। हालांकि यह व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति पर भी निर्भर करता है।
किसे क्या चुनना चाहिए
यदि आपका उद्देश्य शरीर को हल्का रखना और पाचन बेहतर बनाना है तो छाछ अच्छा विकल्प हो सकती है। वहीं अगर आप प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ चाहते हैं तो दही अधिक उपयोगी मानी जाती है। डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ भी दोनों को संतुलित आहार का हिस्सा मानते हैं।
घर में बनी ताजा दही और छाछ का सेवन पैकेज्ड उत्पादों की तुलना में अधिक सुरक्षित और लाभकारी माना जाता है। बाजार में मिलने वाले उत्पादों में अतिरिक्त नमक, चीनी या प्रिजर्वेटिव हो सकते हैं, इसलिए उन्हें सीमित मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है।