बिहार

BiharPolitics – सम्राट चौधरी कैबिनेट में फिर शामिल हुए अरुण शंकर प्रसाद

BiharPolitics – बिहार की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भाजपा नेता अरुण शंकर प्रसाद को एक बार फिर मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है। खजौली विधानसभा क्षेत्र से लगातार जीत दर्ज करने वाले अरुण शंकर प्रसाद को सम्राट चौधरी सरकार में दोबारा मंत्री बनाया गया है। इससे पहले वह राज्य सरकार में पर्यटन, कला, संस्कृति और युवा मामलों के मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं।

भारतीय जनता पार्टी में उन्हें संगठन और सरकार दोनों स्तर पर अनुभवी नेताओं में गिना जाता है। पार्टी के ओबीसी मोर्चा में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव के कारण भाजपा नेतृत्व लगातार उन पर भरोसा जताता रहा है।

खजौली क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक पकड़

अरुण शंकर प्रसाद का राजनीतिक आधार मिथिलांचल क्षेत्र में मजबूत माना जाता है। उन्होंने वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार सीताराम यादव को हराकर जीत हासिल की थी। हालांकि 2015 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इसके बाद उन्होंने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहकर अपनी पकड़ मजबूत की।

2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद उम्मीदवार ब्रज किशोर यादव को हराकर दोबारा जीत दर्ज की। लगातार सफल चुनावी प्रदर्शन ने उन्हें भाजपा के प्रभावशाली नेताओं की सूची में शामिल कर दिया है।

पारिवारिक घटना के बाद राजनीति में आए

अरुण शंकर प्रसाद का राजनीति में प्रवेश एक व्यक्तिगत त्रासदी के बाद हुआ था। पिता की हत्या के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की। इसके बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों के जरिए क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।

राजनीति में आने के बाद उन्होंने संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ-साथ जनता के बीच भी लगातार सक्रियता बनाए रखी। भाजपा नेतृत्व ने समय-समय पर उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं।

एनडीए विधायक दल में भी निभाई भूमिका

मंत्री बनने से पहले अरुण शंकर प्रसाद बिहार विधानसभा में एनडीए विधायक दल के सचेतक के रूप में भी काम कर चुके हैं। सदन में उनकी सक्रियता और राजनीतिक समझ को लेकर पार्टी के भीतर सकारात्मक राय रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किया है।

संगठन में भी संभाल चुके हैं बड़ी जिम्मेदारियां

भाजपा संगठन में भी अरुण शंकर प्रसाद लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह झारखंड भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रभारी और तेलंगाना प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। पार्टी के विभिन्न अभियानों और संगठन विस्तार में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है।

वैश्य समाज से आने वाले अरुण शंकर प्रसाद को भाजपा का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। उनकी राजनीतिक शैली को शांत लेकिन प्रभावी माना जाता है।

समर्थकों में खुशी का माहौल

दोबारा मंत्री बनने की खबर के बाद खजौली और आसपास के क्षेत्रों में भाजपा और एनडीए कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह देखा गया। समर्थकों ने इसे मिथिलांचल क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया है।

स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र के विकास और संगठनात्मक मजबूती में उनकी भूमिका लगातार बनी रही है। ऐसे में दोबारा मंत्री बनाए जाने से क्षेत्रीय राजनीति में उनका प्रभाव और बढ़ सकता है।

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