ChandranathRath – शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की गोली मारकर हुई हत्या
ChandranathRath – पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। जानकारी के अनुसार, बाइक सवार हमलावरों ने उन पर गोलीबारी की, जिसमें उनकी मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब राज्य में चुनावी नतीजों के बाद पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।

लंबे समय से शुभेंदु अधिकारी के साथ थे रथ
चंद्रनाथ रथ पिछले कई वर्षों से शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। राजनीतिक कार्यक्रमों के प्रबंधन से लेकर निजी समन्वय तक, वे लगभग हर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते थे। अधिकारी के साथ उनकी मौजूदगी अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक बैठकों में दिखाई देती थी।
करीबी लोगों के मुताबिक, रथ केवल एक सहयोगी नहीं बल्कि अधिकारी की टीम का भरोसेमंद हिस्सा थे। बैठकों की तैयारी, दस्तावेजों का प्रबंधन और कार्यक्रमों के संचालन में उनकी अहम भूमिका मानी जाती थी।
पूर्व सैनिक रहे थे चंद्रनाथ रथ
42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले से ताल्लुक रखते थे, जो शुभेंदु अधिकारी का भी पैतृक क्षेत्र है। बताया जाता है कि उनका परिवार लंबे समय से अधिकारी परिवार के संपर्क में था।
रथ भारतीय वायुसेना में करीब 18 वर्षों तक सेवा दे चुके थे। सेना से जुड़ा अनुभव और अनुशासित कार्यशैली उन्हें राजनीतिक टीम में भी अलग पहचान दिलाती थी। वर्ष 2019 के बाद उन्होंने पूरी तरह से शुभेंदु अधिकारी के साथ काम करना शुरू कर दिया था।
तृणमूल से भाजपा तक बना रहा साथ
जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस में थे, तब भी चंद्रनाथ रथ उनके साथ जुड़े रहे। बाद में 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले अधिकारी के भाजपा में शामिल होने के बाद भी उन्होंने अपना साथ जारी रखा।
नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराने के बाद जब शुभेंदु अधिकारी विधानसभा में विपक्ष के नेता बने, तब रथ को उनकी टीम में और अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। राजनीतिक गलियारों में उन्हें अधिकारी के सबसे विश्वसनीय लोगों में गिना जाता था।
आध्यात्मिक स्वभाव के थे रथ
परिवार के सदस्यों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ छात्र जीवन से ही आध्यात्मिक विचारों वाले व्यक्ति थे। बताया जाता है कि उन्होंने एक समय संन्यासी जीवन अपनाने की इच्छा भी जताई थी। हालांकि बाद में उन्होंने भारतीय वायुसेना में सेवा दी और फिर सार्वजनिक जीवन से जुड़े कार्यों में सक्रिय हो गए।
करीबी लोगों का कहना है कि रथ शांत स्वभाव और अनुशासित जीवनशैली के लिए पहचाने जाते थे। यही कारण था कि वे राजनीतिक हलकों में भी सम्मान के साथ देखे जाते थे।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के चुनावों के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
भाजपा की जीत के बाद बढ़ी थी भूमिका
हालिया चुनावों के बाद भाजपा की राजनीतिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही चंद्रनाथ रथ की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं बढ़ी थीं। पार्टी के अंदर उन्हें शुभेंदु अधिकारी की टीम का अहम रणनीतिक सहयोगी माना जाता था। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा थी कि भविष्य में भाजपा सरकार बनने की स्थिति में उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियां मिल सकती थीं।