EncroachmentDrive – पटना में आज से शुरू हुआ बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान
EncroachmentDrive – पटना को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने शुक्रवार से विशेष अभियान शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई 30 मई तक लगातार चलेगी। प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को प्राथमिकता सूची में रखते हुए सख्त निगरानी और नियमित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अभियान के तहत कई विभाग संयुक्त रूप से काम करेंगे ताकि यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।

शहर के प्रमुख इलाकों में चलेगा अभियान
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान में पटना नगर निगम के छह अंचलों के अलावा खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर निजामत क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नेहरू पथ, बोरिंग रोड, अटल पथ, कंकड़बाग मेन रोड और पटना स्टेशन रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा गांधी मैदान के आसपास और सगुना मोड़ से दानापुर स्टेशन तक के इलाकों में भी लगातार कार्रवाई होगी। अधिकारियों के मुताबिक, सभी टी-प्वाइंट, गोलंबर और प्रमुख चौराहों को ‘जीरो टॉलरेंस जोन’ घोषित किया गया है, जहां किसी भी तरह के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नौ टीमों को सौंपी गई जिम्मेदारी
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस की संयुक्त नौ टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा और विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि केवल विशेष अभियान के दिनों में ही नहीं, बल्कि नियमित कार्यदिवसों में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी जाए। साथ ही अलग से बनाई गई फॉलो-अप टीम यह सुनिश्चित करेगी कि जहां से अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा कब्जा न हो।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि अभियान में बाधा डालने या बार-बार अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदतन अतिक्रमण करने वालों की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
अस्थायी अतिक्रमण पर 5 हजार रुपये तक और स्थायी अतिक्रमण पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार कार्रवाई केवल प्रतीकात्मक नहीं होगी, बल्कि लगातार निगरानी के जरिए व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर रहेगा।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने पर फोकस
अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस भी विशेष वाहन जांच अभियान चलाएगी। प्रशासन का मानना है कि सड़कों, फुटपाथों और सर्विस लेन पर अवैध कब्जे के कारण शहर में जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक मार्गों को खाली रखना जरूरी है ताकि लोगों को यातायात में राहत मिल सके और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों। खासतौर पर व्यस्त बाजारों और मुख्य सड़कों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
अस्पतालों के आसपास रहेगा विशेष नियंत्रण
प्रशासन ने आईजीआईएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच और एम्स जैसे बड़े अस्पतालों के आसपास अतिक्रमण बिल्कुल नहीं रहने देने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल क्षेत्रों में सड़क किनारे अवैध कब्जों की वजह से मरीजों और एम्बुलेंस की आवाजाही प्रभावित होती है।
पूरे अभियान की निगरानी के लिए पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल बनाई गई है, जो कार्रवाई की रोजाना समीक्षा करेगी। जिलाधिकारी स्वयं भी अभियान की प्रगति पर नजर रखेंगे।