Student Protest – देहरादून बार विवाद में आईजी के खिलाफ तेज हुआ छात्रों का प्रदर्शन
Student Protest – देहरादून में चर्चित रोमियो लेन बार प्रकरण को लेकर छात्र राजनीति गरमा गई है। सोमवार देर रात एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला भी जलाया। इस घटनाक्रम ने शहर के प्रशासनिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

पुलिस मुख्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन
एनएसयूआई के बैनर तले जुटे छात्रों ने पुलिस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में एकत्र होकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने आईजी के खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे लगाए और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित रखने की कोशिश की, हालांकि प्रदर्शन के दौरान माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। छात्रों का कहना था कि वे इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।
बार संचालन में पुलिस की भूमिका पर आरोप
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देहरादून में संचालित कई बारों में पुलिस की अप्रत्यक्ष भागीदारी है। उनका दावा है कि कुछ बारों के संचालन में कथित रूप से पुलिस की हिस्सेदारी होने के कारण इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन से जवाबदेही तय करने की बात कही है।
छात्रों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
एनएसयूआई नेताओं का कहना है कि रोमियो लेन बार प्रकरण केवल एक अलग घटना नहीं है, बल्कि यह शहर में बढ़ती अनियमितताओं का हिस्सा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। छात्रों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक इस मामले पर पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और स्थिति की समीक्षा की जा रही है। शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
मामले ने पकड़ा राजनीतिक रंग
इस पूरे घटनाक्रम ने अब राजनीतिक स्वरूप भी लेना शुरू कर दिया है। छात्र संगठनों के सक्रिय होने के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दल भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है, खासकर यदि जांच या कार्रवाई को लेकर कोई ठोस कदम सामने नहीं आता।