राष्ट्रीय

EarthDay – विश्व पृथ्वी दिवस पर नेताओं ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

EarthDay – विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर देशभर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख नेताओं ने इस दिन को भविष्य की पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ते हुए लोगों से प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। इस मौके पर दिए गए संदेशों में धरती को सुरक्षित रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर विशेष जोर देखने को मिला।

प्रधानमंत्री ने पृथ्वी संरक्षण को बताया पवित्र दायित्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए पृथ्वी को माता का दर्जा दिया और उसके संरक्षण को मानवता के हित से जोड़ा। उन्होंने कहा कि धरती की रक्षा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए लिया गया संकल्प भी है। अपने संदेश में उन्होंने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए संस्कृत श्लोक के माध्यम से प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना ही मानव जीवन की निरंतरता का आधार है।

सरकारी प्रयासों को मिला संदेश में स्थान

प्रधानमंत्री के वक्तव्य को सरकार की पर्यावरण नीतियों और अभियानों से भी जोड़ा जा रहा है। बीते कुछ वर्षों में स्वच्छता, हरित ऊर्जा, जल संरक्षण और वृक्षारोपण जैसे क्षेत्रों में कई पहलें शुरू की गई हैं। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें इसमें भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संदेश जनसामान्य को व्यवहारिक बदलाव की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जेपी नड्डा ने भविष्य की जिम्मेदारी पर दिया जोर

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी पृथ्वी दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के फैसले ही आने वाले समय की पृथ्वी का स्वरूप तय करेंगे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। नड्डा ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास, जैसे पानी बचाना, पेड़ लगाना और स्वच्छता बनाए रखना, बड़े बदलाव की दिशा में अहम कदम साबित हो सकते हैं।

अभियानों से जुड़ने की अपील

नड्डा ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रहे विभिन्न अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान और वृक्षारोपण से जुड़े कार्यक्रम लोगों को एक स्वच्छ और हरित भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके अनुसार, जब समाज का हर वर्ग इन पहलों से जुड़ता है, तभी स्थायी परिवर्तन संभव हो पाता है। उन्होंने नागरिकों से इन अभियानों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

योगी आदित्यनाथ ने प्रदूषण मुक्त पृथ्वी का आह्वान किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए पृथ्वी को सनातन संस्कृति में मां के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि धरती सभी जीवों का बिना किसी अपेक्षा के पालन-पोषण करती है, इसलिए इसकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। योगी ने लोगों से प्रदूषण कम करने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

प्राकृतिक संसाधनों के संतुलन पर धामी का जोर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में पर्यावरण को सुरक्षित रखने को भविष्य की नींव बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी आधार भी है। धामी ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही और लोगों से प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करने का आह्वान किया।

साझा संदेश में दिखी पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता

विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर नेताओं के संदेशों में एक समान बात यह रही कि पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। इस दिन का महत्व केवल औपचारिक संदेशों तक सीमित नहीं, बल्कि यह लोगों को अपने दैनिक जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है। प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी को समझते हुए उठाए गए छोटे-छोटे कदम ही भविष्य की पृथ्वी को सुरक्षित बना सकते हैं।

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