BarabankiDispute – मठ की जमीन विवाद पर महंत की जिंदा समाधि की चेतावनी
BarabankiDispute – उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल इन दिनों तनाव का केंद्र बन गया है। असंद्रा थाना क्षेत्र के भवनियापुर गांव में स्थित श्रीराम जानकी मठ में महंत मुकुंदपुरी द्वारा जिंदा समाधि लेने की घोषणा के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मंगलवार सुबह से ही मठ परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जमीन विवाद से बढ़ा तनाव
इस पूरे मामले की जड़ मठ की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद है। महंत मुकुंदपुरी का आरोप है कि एक व्यक्ति ने कथित रूप से फर्जी वसीयत के आधार पर मठ की जमीन अपने नाम दर्ज करवा ली थी। इस मामले में तहसील प्रशासन ने अगस्त 2023 में जांच के बाद उस वसीयत को निरस्त कर दिया था और संपत्ति को मूल खातेदार के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए थे। साथ ही जल्द समाधान का भरोसा भी दिया गया था, लेकिन अब तक यह मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है।
आश्वासन के बाद भी कार्रवाई में देरी
महंत का कहना है कि प्रशासन की ओर से कई बार भरोसा दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी कारण उन्होंने प्रशासन को एक समयसीमा दी थी कि यदि तय तारीख तक समाधान नहीं हुआ, तो वे कठोर कदम उठाएंगे। अब निर्धारित समय बीतने के बाद उन्होंने अपने फैसले पर अडिग रहने का संकेत दिया है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
मठ परिसर में बढ़ी भीड़ और सतर्कता
महंत की घोषणा की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मठ परिसर पहुंचने लगे। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं और किसी भी अफवाह से बचने की सलाह दे रहे हैं।
अधिकारियों की समझाइश जारी
मौके पर एसडीएम, सीओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद हैं और महंत से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। प्रशासन का प्रयास है कि स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित किया जाए।
पहले भी दी जा चुकी है ऐसी चेतावनी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब महंत ने इस तरह का कदम उठाने की चेतावनी दी है। वर्ष 2023 में भी उन्होंने इसी तरह की घोषणा की थी, जिसे समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप से टाल दिया गया था। हालांकि इस बार हालात अधिक गंभीर नजर आ रहे हैं और प्रशासन के सामने चुनौती भी बड़ी है।