बिहार

FlightCrisis – विदेश में फंसा दूल्हा, तय तारीख पर संकट में पड़ी शादी…

FlightCrisis – बिहार के गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल के खंडेल गांव में एक परिवार की खुशियां अनिश्चितता में बदल गई हैं। जमील शाह के बेटे रिजवान की शादी 30 मार्च 2026 को तय है और इसके लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। सैकड़ों निमंत्रण बांटे जा चुके हैं, बारात और मेहमानों के ठहरने से लेकर खाने-पीने तक का इंतजाम हो चुका है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात ने इस खुशी के मौके पर चिंता की स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि दूल्हा अब तक घर नहीं पहुंच पाया है।

लगातार रद्द हो रही उड़ानों से बढ़ी परेशानी
रिजवान कतर में काम करता है और शादी में शामिल होने के लिए उसने 17 मार्च को पहली बार टिकट बुक किया था, लेकिन उसकी फ्लाइट रद्द हो गई। इसके बाद 20 मार्च को दोबारा टिकट लिया, लेकिन वह भी कैंसिल हो गया। अब तक तीन बार टिकट रद्द हो चुके हैं, जिससे उसकी घर वापसी मुश्किल हो गई है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई उड़ान सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिसका असर ऐसे मामलों पर भी पड़ रहा है।

परिवार को दूल्हे के समय पर पहुंचने की उम्मीद
रिजवान के बड़े भाई जहांगीर आलम का कहना है कि शादी की पूरी तैयारी हो चुकी है, लेकिन दूल्हे के पहुंचने को लेकर असमंजस बना हुआ है। उन्होंने बताया कि अगर रिजवान किसी तरह बारात वाले दिन तक गांव पहुंच जाता है, तो तय कार्यक्रम के अनुसार निकाह किया जाएगा। अन्यथा, परिवार को शादी की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला लेना पड़ सकता है।

गांव में दुआओं का दौर जारी
रिजवान की सुरक्षित वापसी के लिए गांव के लोग भी चिंतित हैं। उसके चाचा के अनुसार, मस्जिद में लोग इकट्ठा होकर उसके जल्द घर लौटने की दुआ कर रहे हैं। उधर, लड़की पक्ष के लोग भी दिल्ली से गांव पहुंच चुके हैं और शादी की तैयारियां पूरी कर चुके हैं। ऐसे में दोनों परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

खाड़ी देशों में काम करने वाले युवाओं की बढ़ी चिंता
खंडेल गांव और आसपास के इलाकों के कई युवक रोजगार के लिए खाड़ी देशों में रहते हैं। अनुमान है कि सिर्फ इस गांव के ही दर्जनों युवक कतर, सऊदी अरब और अन्य देशों में काम कर रहे हैं। मौजूदा तनावपूर्ण हालात के कारण कई लोग तय समय पर घर नहीं लौट पा रहे हैं। गांव के ही एक युवक, जो हाल ही में दुबई से लौटे हैं, ने बताया कि वहां स्थिति सामान्य नहीं है और रात के समय डर का माहौल बना रहता है।

कई परिवारों की बढ़ी बेचैनी
गांव में करीब 300 परिवार रहते हैं, जिनमें से 50 से 60 युवक फिलहाल खाड़ी देशों में फंसे हुए बताए जा रहे हैं। उनके परिवार लगातार हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। रिजवान के परिवार के लिए यह समय बेहद भावनात्मक है, क्योंकि एक तरफ शादी की तैयारियां हैं और दूसरी ओर दूल्हे के समय पर घर पहुंचने की अनिश्चितता। पूरे गांव की नजर अब इस बात पर टिकी है कि रिजवान सुरक्षित लौटे और तय तारीख पर शादी संपन्न हो सके।

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