उत्तराखण्ड

Weather Update – उत्तराखंड में नौतपा फीका, बारिश-बर्फबारी से बदला मौसम

Weather Update – उत्तराखंड में इस वर्ष नौतपा का असर अपेक्षित रूप से देखने को नहीं मिला। आमतौर पर नौतपा के दौरान प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में तेज गर्मी और लू जैसे हालात बनते हैं, लेकिन इस बार मौसम ने अलग तस्वीर पेश की। 25 मई से 2 जून तक चले नौतपा में शुरुआती कुछ दिनों को छोड़ दें तो अधिकांश समय बारिश, बादल और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का प्रभाव बना रहा, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

शुरुआती दिनों में गर्मी, फिर बदला मौसम

नौतपा के पहले दो दिनों में देहरादून समेत कई मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। 25 मई को देहरादून का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। दिन के साथ शाम के समय भी गर्मी का असर बना रहा। हालांकि इसके बाद मौसम ने करवट ली और बादलों की आवाजाही के साथ विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई। इससे तापमान में तेजी से कमी आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

पहाड़ों में लौटी ठंडक

बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर पर्वतीय इलाकों में साफ दिखाई दिया। जहां मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से नीचे आया, वहीं पहाड़ों में लोगों को एक बार फिर ठंड का एहसास होने लगा। पिछले एक सप्ताह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सुहावना बना हुआ है, जिससे पर्यटन स्थलों पर भी मौसम का आनंद लेने वालों की संख्या बढ़ी है।

सामान्य से कई गुना अधिक दर्ज हुई बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 और 31 मई को देहरादून में 17.3 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य औसत से करीब 900 प्रतिशत अधिक रही। पूरे प्रदेश में इस अवधि के दौरान 12.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 500 प्रतिशत से ज्यादा है। वहीं 1 और 2 जून के दौरान देहरादून में 2.3 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य स्तर से लगभग 4 प्रतिशत अधिक रही।

आज भी मौसम को लेकर अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार के लिए भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 4400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है, जबकि अन्य जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।

मसूरी में बारिश और कोहरे से बढ़ी ठंड

मंगलवार दोपहर बाद मसूरी में अचानक मौसम बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ घना कोहरा छा गया, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम ठंडा होने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। कई पर्यटक बारिश से बचने के लिए होटलों और दुकानों में रुकते दिखाई दिए, जबकि कुछ लोग बिना छाते और रेनकोट के भीग गए।

जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

मसूरी में हुई तेज बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी सड़कों पर बहता नजर आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई नालियां अवरुद्ध होने के कारण बारिश का पानी समय पर नहीं निकल पाया। इसके चलते नगर पालिका से जल निकासी व्यवस्था में सुधार की मांग उठने लगी है।

नदियों का जलस्तर बढ़ा, किनारे की झोपड़ियां प्रभावित

देहरादून में कुछ घंटों की बारिश के बाद सहस्त्रधारा और रिस्पना जैसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। सहस्त्रधारा क्षेत्र में नदी किनारे अस्थायी रूप से रह रहे कई लोगों की झोपड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गईं। हालांकि समय रहते लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए, जिससे किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं मिली।

प्रशासनिक तैयारियों पर स्थानीयों की चिंता

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछली बाढ़ के बाद नदी के बहाव क्षेत्र में जमा मलबा अब तक पूरी तरह नहीं हटाया गया है। मझाड़ा और गल्जवाड़ी क्षेत्र में नदी का प्रवाह प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में बारिश का दौर बढ़ने पर लोगों की चिंताएं फिर बढ़ गई हैं।

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