उत्तराखण्ड

UrbanFlooding – हाजीपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी, व्यवस्था उजागर

UrbanFlooding – हाजीपुर में सोमवार शाम हुई तेज बारिश ने शहर की नगर व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने ला दी। कुछ ही घंटों की बारिश में मुख्य सड़कें और कई मोहल्ले पानी से भर गए, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई। हालात ऐसे बन गए कि कई जगहों पर सड़कें पूरी तरह जलमग्न नजर आईं। नगर परिषद की ओर से पहले किए गए दावे इस बारिश के बाद सवालों के घेरे में आ गए हैं, क्योंकि जमीनी स्तर पर हालात उससे बिल्कुल अलग दिखे।

मुख्य इलाकों में जलजमाव से बढ़ी परेशानी

बारिश के बाद अस्पताल रोड, गांधी चौक, सिनेमा रोड और डाक-बंगला रोड जैसे व्यस्त इलाकों में पानी भर गया। कई जगहों पर पानी घुटनों तक पहुंच गया, जिससे आम लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हुई। गांधी चौक से अस्पताल तक जाने वाला रास्ता खास तौर पर प्रभावित रहा, जहां मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है।

कीचड़ और पानी के बीच गुजरने को मजबूर लोग

बारिश के बाद शहर की सड़कों पर कीचड़ और पानी का मिश्रण लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया। बाइक सवारों, रिक्शा चालकों और पैदल चलने वालों को रास्ता पार करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई वाहन पानी में फंसते नजर आए। लोगों ने बताया कि बारिश से पहले नालों की सफाई का दावा किया गया था, लेकिन जलभराव ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अधूरा सीवरेज प्रोजेक्ट बना बड़ी वजह

शहर में जल निकासी की समस्या कोई नई नहीं है। वर्ष 2010 में स्वीकृत सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना का उद्देश्य इस समस्या का स्थायी समाधान करना था, लेकिन यह योजना अब तक अधूरी पड़ी है। शुरुआत में इस परियोजना के लिए 113 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हुई थी, जो बाद में बढ़कर 125 करोड़ रुपये से भी अधिक हो गई। इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके और शहर की स्थिति जस की तस बनी रही।

निर्धारित समयसीमा के बाद भी नहीं हुआ काम पूरा

यह परियोजना दिसंबर 2011 में शुरू हुई थी और इसे 2013 तक पूरा किया जाना था। हालांकि, समयसीमा बीतने के बाद भी करीब 30 प्रतिशत काम अधूरा रह गया। परियोजना को पूरा करने की जिम्मेदारी एक विदेशी कंपनी को दी गई थी, लेकिन लगातार देरी और प्रगति की कमी के कारण काम प्रभावित होता रहा। 2017 के बाद तो यह कार्य पूरी तरह ठप हो गया, जिससे शहरवासियों की उम्मीदों को झटका लगा।

प्रशासन ने स्वीकार की ड्रेनेज की कमी

जिला अधिकारी वर्षा सिंह ने स्वीकार किया कि हाजीपुर में प्रभावी जल निकासी प्रणाली की कमी है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में काम चल रहा है, लेकिन फिलहाल बारिश के दौरान पानी जमा हो जाना बड़ी समस्या बनी हुई है। प्रशासन के अनुसार, पानी निकासी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि स्थायी समाधान अभी बाकी है।

हर बारिश में दोहराई जाती है समस्या

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में यही हाल होता है। जलजमाव और गंदगी की समस्या से न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

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