उत्तराखण्ड

TimarsainCave – हिमालयी आस्था स्थल टिम्मरसैंण गुफा को मिलेगा नया स्वरूप

TimarsainCave – हिमालय की गोद में स्थित प्रसिद्ध आस्था स्थल बाबा बर्फानी की टिम्मरसैंण गुफा आने वाले वर्षों में बिल्कुल नए रूप में दिखाई देगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गुफा क्षेत्र में व्यापक स्तर पर विकास कार्य शुरू कर दिए गए हैं। केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत जिला पर्यटन विकास विभाग को इस परियोजना के लिए 26 करोड़ 85 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है, जिससे क्षेत्र की आधारभूत संरचना और पहुंच दोनों को बेहतर बनाया जाएगा।

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वाइब्रेंट विलेज योजना से मिली विकास को गति

चमोली जनपद के सीमांत क्षेत्र में स्थित टिम्मरसैंण गुफा को पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। वर्ष 2024 में जिला पर्यटन विभाग की ओर से केंद्र सरकार को इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया था। जनवरी 2025 में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बजट जारी किया गया और अब जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है। मौसम अनुकूल रहने और अत्यधिक बर्फबारी न होने के कारण निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सकी है।

प्राकृतिक शिवलिंग और धार्मिक महत्व

टिम्मरसैंण गुफा की सबसे बड़ी विशेषता यहां प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग है, जिसे श्रद्धालु बाबा बर्फानी के स्वरूप के रूप में पूजते हैं। हर वर्ष विशेष मौसम में यह शिवलिंग आकार लेता है, जिसके दर्शन के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थल आध्यात्मिक शांति और हिमालयी सौंदर्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।

पैदल मार्ग होगा सुरक्षित और सुगम

गुफा तक पहुंचने वाले लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग को पूरी तरह से दुरुस्त किया जा रहा है। बर्फ और नमी के कारण इस मार्ग पर फिसलन की समस्या बनी रहती है, जिसे ध्यान में रखते हुए मजबूत रेलिंग लगाई जा रही है। इसके अलावा, रास्ते पर नक्काशीदार पत्थरों का प्रयोग किया जा रहा है ताकि मार्ग न केवल सुरक्षित बल्कि देखने में भी आकर्षक लगे। इससे बुजुर्ग श्रद्धालुओं और बच्चों को भी गुफा तक पहुंचने में सुविधा होगी।

गुफा परिसर का सौंदर्यीकरण

परियोजना के तहत केवल मार्ग ही नहीं, बल्कि गुफा परिसर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए बैठने की व्यवस्था, संकेतक बोर्ड और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उद्देश्य यह है कि आने वाले श्रद्धालु यहां अधिक समय बिता सकें और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें, बिना किसी असुविधा के।

2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य

जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ के अनुसार, टिम्मरसैंण गुफा में चल रहे सभी अवस्थापना विकास कार्य वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और सभी कार्यों को वर्ष 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग का प्रयास है कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय परंपराओं का पूरा सम्मान बना रहे।

बढ़ती प्रसिद्धि से बढ़ा श्रद्धालुओं का आगमन

भारत-चीन सीमा से सटे नीती गांव क्षेत्र में स्थित टिम्मरसैंण गुफा की प्रसिद्धि बीते कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। पहले जहां यहां सीमित संख्या में लोग पहुंचते थे, अब देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु और पर्यटक यहां आने लगे हैं। कई पर्यटक औली और आसपास के अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा के साथ टिम्मरसैंण गुफा के दर्शन को भी अपने यात्रा कार्यक्रम में शामिल कर रहे हैं।

पर्यटकों ने साझा किया अनुभव

दिल्ली से आए पर्यटक मयंक शर्मा और मृदुल ने बताया कि उन्होंने इस बार औली भ्रमण के दौरान टिम्मरसैंण गुफा जाने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन के साथ-साथ आसपास का प्राकृतिक दृश्य अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि बेहतर रास्ते और सुविधाएं मिलने से भविष्य में और भी अधिक लोग इस पवित्र स्थल तक पहुंच सकेंगे।

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