उत्तराखण्ड

Rescue Operation – दयारा बुग्याल में लापता महिला ट्रैकर की तलाश जारी

Rescue Operation – उत्तराखंड के दयारा बुग्याल क्षेत्र से लापता हुई महिला ट्रैकर बबीता पांडे की तलाश लगातार जारी है। रामनगर, नैनीताल की रहने वाली बबीता पिछले कई दिनों से लापता हैं और उन्हें खोजने के लिए विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। घटना के पांच दिन बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका है, जिसके चलते खोज अभियान को और व्यापक बनाया गया है।

बुधवार को विशेष खोज दलों ने गोई क्षेत्र के आसपास स्थित झीलों और जल स्रोतों में गहन तलाशी अभियान चलाया। इसके बावजूद महिला ट्रैकर के संबंध में कोई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ नहीं लगी। अधिकारियों का कहना है कि अभियान बिना रुके जारी रहेगा।

कई एजेंसियां खोज अभियान में जुटीं

लापता ट्रैकर की तलाश के लिए एसडीआरएफ, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। इसके अलावा सेना, आईटीबीपी और वन विभाग के कर्मचारी भी अपने-अपने स्तर पर खोज कार्य में सहयोग कर रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार दुर्गम पहाड़ी इलाकों, जंगलों और जल स्रोतों की लगातार निगरानी की जा रही है। खोज अभियान में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित कर्मियों को लगाया गया है ताकि किसी भी संभावित सुराग तक जल्द पहुंचा जा सके।

साथ आए दो युवकों से पूछताछ जारी

पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार बबीता पांडे अपने दो परिचितों के साथ दयारा बुग्याल घूमने आई थीं। इनमें ऊधमसिंह नगर निवासी हरमनपाल और उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी हरमनप्रीत शामिल बताए जा रहे हैं।

मामले में पुलिस पहले ही अपहरण से संबंधित प्रकरण दर्ज कर चुकी है। जांच के तहत दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच और खोज अभियान समानांतर रूप से जारी हैं।

ट्रेकिंग गतिविधियों पर लगाई गई अस्थायी रोक

घटना के बाद वन विभाग ने दयारा बुग्याल ट्रैक पर ट्रेकिंग गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। विभाग का कहना है कि यह निर्णय सुरक्षा मानकों की समीक्षा और चल रहे रेस्क्यू अभियान को प्रभावित होने से बचाने के लिए लिया गया है।

बुधवार दोपहर बाद जारी निर्देशों में ट्रैक पर आने वाले ट्रेकर्स की आवाजाही रोक दी गई। अधिकारियों का मानना है कि लगातार लोगों की आवाजाही से खोज अभियान में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

एसओपी की समीक्षा पर दिया गया जोर

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पर्यटन और ट्रेकिंग गतिविधियों के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की समीक्षा भी की जा रही है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की संभावना कम हो और सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी बनाई जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा स्थिति का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारों पर विचार किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि ट्रेकिंग मार्गों पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कैसे बनाया जाए।

ट्रेकिंग संगठनों ने उठाए सवाल

ट्रेकिंग क्षेत्र से जुड़े कुछ संगठनों ने ट्रैक बंद करने के फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि एक घटना के कारण सभी ट्रेकिंग गतिविधियों को रोकना उचित नहीं है। संगठनों का सुझाव है कि पंजीकरण प्रक्रिया और सुरक्षा नियमों की निगरानी को और सख्त बनाया जाए।

ट्रेकिंग एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा उपायों को मजबूत करना जरूरी है, लेकिन इससे पर्यटन गतिविधियों पर अनावश्यक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

जल्द खुल सकता है ट्रैक

वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेकिंग पर लगाया गया प्रतिबंध स्थायी नहीं है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू अभियान और सुरक्षा समीक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम अस्थायी तौर पर उठाया गया है।

डीएफओ डीपी बलूनी ने बताया कि स्थिति की समीक्षा के बाद ट्रैक को जल्द दोबारा खोला जा सकता है। फिलहाल प्राथमिकता लापता महिला ट्रैकर की खोज और सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन करना है।

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