Leopard Attack – पोखड़ा में घर के बेहद नजदीक से बच्ची को उठाकर ले गया गुलदार, लोगों में जागा खौफ…
Leopard Attack – उत्तराखंड के पोखड़ा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां एक चार साल की मासूम बच्ची को गुलदार ने घर के पास से उठाकर मार डाला। यह घटना ग्रामीण इलाके में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर स्थिति को उजागर करती है। गुरुवार रात हुई इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और डर का माहौल फैल गया है।

घर की चौखट से बच्ची को उठा ले गया गुलदार
जानकारी के अनुसार, भतकोट गांव निवासी हरेंद्र सिंह की चार वर्षीय बेटी दृष्टि शाम करीब आठ बजे अपने घर की चौखट पर बैठकर खाना खा रही थी। उसी समय पास में उसकी बड़ी बहन और दादी भी मौजूद थीं। अचानक घात लगाकर बैठे गुलदार ने बच्ची पर हमला किया और उसे खींचकर जंगल की ओर ले गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि परिजन कुछ समझ ही नहीं पाए।
शोर मचाने पर जुटे ग्रामीण, शुरू हुई तलाश
बच्ची को ले जाते देख परिजनों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल खोजबीन शुरू की और रात भर बच्ची को तलाशने का प्रयास किया। हालांकि, अंधेरा और पहाड़ी इलाका होने के कारण खोज अभियान में काफी कठिनाई आई।
दो किलोमीटर दूर मिला शव
लगातार प्रयासों के बाद अगले दिन शाम को घर से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिला। इस खबर के बाद गांव में मातम पसर गया। सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश
इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने मौके पर विरोध जताया। लोगों का कहना था कि इलाके में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों ने अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की और तब तक शव उठाने से इनकार कर दिया।
प्रशासन ने पहुंचकर संभाली स्थिति
शुक्रवार सुबह उपजिलाधिकारी और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने के बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी कराई। बच्ची का पोस्टमार्टम घर के पास ही किया गया और उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
वन्यजीव हमलों पर बढ़ती चिंता
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीवों और इंसानों के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोग लगातार सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



