HighwayUpdate – बदरीनाथ मार्ग पर भूस्खलन क्षेत्र का स्थायी समाधान तैयार
HighwayUpdate – बदरीनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से परेशानी का कारण बने क्षेत्रपाल भूस्खलन जोन में अब स्थायी समाधान तैयार कर लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) की ओर से इस संवेदनशील हिस्से में सुधार कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे यात्रा के दौरान बार-बार रुकावट और जोखिम की स्थिति काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है।

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में किया गया व्यापक सुधार कार्य
क्षेत्रपाल के करीब 400 मीटर हिस्से में विस्तृत तकनीकी उपाय अपनाए गए हैं। अलकनंदा नदी की ओर जमा मलबे को व्यवस्थित तरीके से हटाया गया है, जबकि पहाड़ी हिस्से को मजबूत करने के लिए लोहे की जालियों से ढक दिया गया है। यह जालियां चट्टानों को खिसकने से रोकने में मदद करेंगी। इसके अलावा ढलानों को स्थिर करने के लिए विशेष रासायनिक पदार्थों का भी इस्तेमाल किया गया है, जिससे मिट्टी के खिसकने की संभावना कम हो सके।
अंतिम चरण में डामरीकरण का कार्य बाकी
अधिकारियों के अनुसार, अब इस क्षेत्र में केवल सड़क की अंतिम परत यानी डामरीकरण का काम शेष है, जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। जैसे ही यह कार्य पूरा होगा, सड़क पूरी तरह से सुरक्षित और सुचारु रूप से उपयोग के लिए तैयार हो जाएगी। इससे यात्रियों को पहले की तरह झटकेदार और असुविधाजनक सफर का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत हुआ विकास
बदरीनाथ हाईवे पर पिछले कई वर्षों से ऑलवेदर रोड परियोजना के अंतर्गत सड़क को चौड़ा और बेहतर बनाने का कार्य जारी है। इसी परियोजना के तहत संकरे मोड़ों को चौड़ा किया गया है और कई जोखिम भरे हिस्सों को सुरक्षित बनाया गया है। क्षेत्रपाल का यह हिस्सा भी उसी योजना का महत्वपूर्ण भाग रहा है, जहां भूस्खलन के कारण बार-बार यात्रा प्रभावित होती थी।
पहले कई बार बाधित हो चुकी है यात्रा
पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्रपाल में भूस्खलन के कारण तीर्थयात्रा कई बार बाधित हुई। खासतौर पर वर्ष 2022 में यहां हुई घटना के चलते बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा तीन दिनों तक ठप रही थी। इसके बाद इस क्षेत्र के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत योजना बनाई गई, जिसे केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद कार्य शुरू किया गया।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में होगा सुधार
जिला आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि किए गए सुधारों से अब इस मार्ग पर यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और सहज हो जाएगी। लगातार निगरानी और तकनीकी उपायों के जरिए जोखिम को कम किया गया है। उम्मीद है कि आगामी यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं को बिना रुकावट के बेहतर अनुभव मिलेगा।



