उत्तराखण्ड

Elections – विधानसभा तैयारी में जुटी भाजपा, नेताओं को सौंपे गए विशेष दायित्व

Elections – आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने का निर्णय लिया है। पार्टी नेतृत्व ने सांसदों, मंत्रियों और विधायकों के लिए विशेष प्रवास कार्यक्रम तय किया है, जिसके तहत उन्हें विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताकर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस संबंध में दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कई रणनीतिक फैसलों पर सहमति बनी।

बैठक में चुनावी तैयारियों, संगठन विस्तार और कमजोर मानी जा रही सीटों पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें प्रदेश स्तर के प्रमुख नेताओं ने भी भाग लिया।

हारी हुई सीटों पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में यह तय किया गया कि पिछली बार जिन विधानसभा सीटों पर पार्टी को सफलता नहीं मिली थी, उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पार्टी की कोर कमेटी के 17 सदस्यों को ऐसी 23 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

इन वरिष्ठ नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद और अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल हैं। उन्हें संबंधित क्षेत्रों में जाकर स्थानीय कार्यकर्ताओं से संवाद करने और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करने का दायित्व दिया गया है।

जनप्रतिनिधि करेंगे 24 घंटे का प्रवास

पार्टी की योजना के अनुसार सांसद, मंत्री और विधायक अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में 24 घंटे का प्रवास करेंगे। इस दौरान वे स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और संगठन की स्थिति का आकलन करेंगे।

कुछ सांसदों को एक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। पार्टी का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संपर्क बढ़ाना और चुनाव से पहले संगठन को अधिक सक्रिय बनाना है।

प्रवास कार्यक्रम में होंगे विशेष अभियान

प्रवास के दौरान केवल संगठनात्मक बैठकें ही नहीं होंगी, बल्कि सामाजिक गतिविधियों को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए स्वच्छता अभियान तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेना अनिवार्य रखा गया है।

इसके अलावा उन्हें संबंधित क्षेत्रों के शक्ति केंद्रों की बैठकों में भी शामिल होना होगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद मजबूत होगा और स्थानीय मुद्दों को समझने में मदद मिलेगी।

शक्ति केंद्रों पर संगठन की नजर

भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में शक्ति केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 2835 शक्ति केंद्र सक्रिय हैं। ये इकाइयां बूथ और मंडल स्तर के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य करती हैं।

पार्टी के अनुसार शक्ति केंद्र चुनावी रणनीति को जमीन तक पहुंचाने और कार्यकर्ताओं को संगठित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी कारण इन इकाइयों को और सक्रिय बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रवास रिपोर्ट संगठन को भेजनी होगी

पार्टी नेतृत्व ने निर्देश दिया है कि सभी जनप्रतिनिधियों को अपने प्रवास की विस्तृत रिपोर्ट संगठन को सौंपनी होगी। रिपोर्ट में स्थानीय स्तर की गतिविधियों, कार्यकर्ताओं से मिले सुझावों और क्षेत्रीय मुद्दों का उल्लेख किया जाएगा।

इन रिपोर्टों के आधार पर आगे की चुनावी रणनीति तैयार करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की योजना है। इससे पार्टी नेतृत्व को विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।

संगठनात्मक जिम्मेदारियों में भी बदलाव

हाल ही में संगठन से जुड़े एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत वरिष्ठ पदाधिकारी अजय कुमार को नई जिम्मेदारी देकर दूसरे राज्य भेजा गया है। इसके बाद प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक कार्यों का अतिरिक्त दायित्व पार्टी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को सौंपा गया है।

वह प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारियों के साथ-साथ संगठन से जुड़े कार्यों की निगरानी भी करेंगे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इससे संगठनात्मक गतिविधियों में निरंतरता बनी रहेगी।

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष अभियान

भाजपा ने पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशव्यापी वृक्षारोपण अभियान चलाने की भी घोषणा की है। पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला, मंडल और स्थानीय स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

इस अभियान को संगठन के सामाजिक दायित्वों से जोड़कर देखा जा रहा है और इसे व्यापक स्तर पर संचालित करने की तैयारी की गई है।

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