उत्तराखण्ड

ElderlyWomenSurvey – उत्तराखंड में 1.34 लाख बुजुर्ग महिलाओं को है सहायता की जरूरत

ElderlyWomenSurvey – उत्तराखंड में बुजुर्ग महिलाओं की स्थिति को लेकर किए गए एक हालिया सर्वे ने कई अहम तथ्य सामने रखे हैं। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा कराए गए इस सर्वे के अनुसार, राज्य में एक लाख 34 हजार से अधिक वृद्ध महिलाओं को विभिन्न प्रकार की सरकारी सहायता की आवश्यकता है। यह सर्वे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उम्र के इस पड़ाव पर महिलाओं को आर्थिक, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

आर्थिक मदद सबसे बड़ी जरूरत के रूप में सामने आई

सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक संख्या उन महिलाओं की है जिन्हें आर्थिक सहायता की जरूरत है। करीब 61 हजार से ज्यादा महिलाएं अपनी आजीविका के लिए सहारे की तलाश में हैं। इसके अलावा 27 हजार से अधिक महिलाओं को पोषण से संबंधित मदद चाहिए, जबकि 23 हजार से ज्यादा को स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है। यह स्थिति बताती है कि बुजुर्ग महिलाओं के लिए नियमित आय और स्वास्थ्य सुविधाएं अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

सुरक्षा और आवास से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुख

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि हजारों महिलाओं को व्यक्तिगत सुरक्षा और आवास की जरूरत है। करीब 4 हजार से अधिक महिलाओं ने सुरक्षा की आवश्यकता जताई, जबकि 6 हजार से ज्यादा को रहने के लिए उचित आवास की जरूरत है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सामाजिक सुरक्षा का दायरा अभी भी कई जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है।

खाद्य और पोषण संबंधी जरूरतें बनी चुनौती

सर्वे में यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं पर्याप्त भोजन और पोषण से वंचित हैं। लगभग 12 हजार महिलाओं को खाद्य सहायता की जरूरत बताई गई है। यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक गंभीर मानी जा रही है, जहां संसाधनों की कमी और सीमित आय के कारण बुजुर्ग महिलाओं का जीवन स्तर प्रभावित हो रहा है।

पेंशन से वंचित हजारों महिलाएं

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 33,722 बुजुर्ग महिलाएं ऐसी हैं जो किसी भी प्रकार की पेंशन योजना का लाभ नहीं ले रही हैं। वहीं, अन्य महिलाओं को अलग-अलग श्रेणियों के तहत पेंशन मिल रही है, जिसमें वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन शामिल हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं अभी भी इन योजनाओं से बाहर हैं।

सरकार ने सुधार के लिए बनाई योजना

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि इस सर्वे के आधार पर जरूरतमंद महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि उन्हें आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए विभागीय स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है, ताकि सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंच सके।

आंगनबाड़ी नेटवर्क की भूमिका अहम

यह सर्वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से कराया गया, जिन्होंने घर-घर जाकर जानकारी जुटाई। अधिकारियों का मानना है कि जमीनी स्तर पर किए गए इस सर्वे से वास्तविक जरूरतों की पहचान संभव हुई है। आने वाले समय में इसी डेटा के आधार पर योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे बुजुर्ग महिलाओं के जीवन में ठोस सुधार लाया जा सके।

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