Congress – देहरादून में केसी वेणुगोपाल बोले, उत्तराखंड में कांग्रेस एकजुट, जनता से होगा सीधा संवाद
Congress- उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने देहरादून में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान राज्य की राजनीतिक स्थिति, संगठन की तैयारियों और आगामी चुनाव को लेकर पार्टी का पक्ष विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में किसी प्रकार की बड़ी गुटबाजी नहीं है और सभी वरिष्ठ नेता मिलकर चुनावी रणनीति पर काम कर रहे हैं। उनके अनुसार पार्टी का पूरा ध्यान जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और उन्हें अपने घोषणा पत्र में शामिल करने पर रहेगा।

चुनावी तैयारी और संगठन पर जोर
प्रेसवार्ता में केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस आगामी चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ दल के प्रति लोगों में असंतोष बढ़ा है और जनता बदलाव की उम्मीद के साथ विकल्प तलाश रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस चुनाव से पहले व्यापक स्तर पर लोगों से संवाद करेगी। इसके लिए पार्टी की मेनिफेस्टो कमेटी विभिन्न वर्गों, संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों से सुझाव लेकर घोषणा पत्र तैयार करेगी, ताकि उसमें जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों को प्राथमिकता मिल सके।
गुटबाजी के सवाल पर दिया स्पष्ट जवाब
उत्तराखंड कांग्रेस में आंतरिक मतभेदों को लेकर उठते रहे सवालों पर राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि संगठन पूरी तरह एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी नेता साझा लक्ष्य के साथ चुनावी अभियान में जुटे हैं और किसी भी प्रकार के मतभेद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना उचित नहीं है। उनका कहना था कि कांग्रेस का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और जनता तक अपनी बात पहुंचाने पर केंद्रित है।
धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों पर उठाए सवाल
प्रेसवार्ता के दौरान केसी वेणुगोपाल ने अयोध्या के राम मंदिर और इलाहाबाद से जुड़े चोरी के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे। उनका मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शी जांच आवश्यक है और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले पर सरकार से जवाब की मांग
राष्ट्रीय महासचिव ने बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इस मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धार्मिक भावनाओं के नाम पर राजनीति करने वालों को ऐसे मामलों पर भी स्पष्ट जवाब देना चाहिए।