उत्तर प्रदेश

Yogi Adityanath Janta Darshan 2026: बिलखती महिला की फरियाद पर योगी जी ने लिया सख्त एक्शन, नन्ही बच्ची की मासूमियत ने जीता मुख्यमंत्री का दिल

Yogi Adityanath Janta Darshan 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की सुबह एक बार फिर ‘जनता दर्शन’ के माध्यम से आम जनमानस की समस्याओं को सुना। कड़ाके की ठंड और अपनी परेशानियों से जूझते हुए प्रदेश भर से आए फरियादियों के बीच मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक व्यक्ति की पीड़ा को समझा। इस (Public Grievance Redressal) अभियान के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी गरीब या असहाय की फाइल धूल न फांके और हर समस्या का त्वरित समाधान किया जाए।

Yogi Adityanath Janta Darshan 2026
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बेघर हुई सीमा की दास्तान और मुख्यमंत्री का कड़ा रुख

जनता दर्शन में लखनऊ की रहने वाली सीमा अपनी दो मासूम बेटियों के साथ पहुंची, जिनकी आंखों में आंसू और भविष्य को लेकर डर था। सीमा ने मुख्यमंत्री को बताया कि ससुर के निधन के बाद उनके पति और ससुराल वालों ने उन्हें बेरहमी से घर से बाहर निकाल दिया है। इस (Domestic Violence Victim) महिला की व्यथा सुनकर मुख्यमंत्री का चेहरा गंभीर हो गया। सीमा ने गुहार लगाई कि उन्हें उनके ससुराल में रहने की जगह दिलाई जाए और बच्चों के पालन-पोषण के लिए मदद की जाए।

पुलिस कमिश्नर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

महिला की आपबीती सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना देर किए मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने लखनऊ के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि इस (Immediate Legal Action) के तहत महिला को न्याय दिलाया जाए और सुनिश्चित किया जाए कि उसे उसके घर में ससम्मान प्रवेश मिले। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

जब मुख्यमंत्री की गोद में खिलखिला उठी नन्ही अनन्या

जनता दर्शन के दौरान एक बहुत ही भावुक कर देने वाला पल तब आया जब मुख्यमंत्री की नजर सीमा की दो साल की बेटी अनन्या पर पड़ी। मुख्यमंत्री का (Child Welfare and Love) वाला रूप उस समय दिखा जब उन्होंने नन्ही अनन्या को दुलार किया और उसे चॉकलेट दी। चॉकलेट हाथ में आते ही बच्ची के चेहरे पर जो मुस्कान आई, उसने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य फरियादियों का भी दिल जीत लिया।

मासूमियत का वो संवाद जिसने सबको कर दिया भावुक

मुख्यमंत्री ने जब खेल-खेल में छोटी बच्ची अनन्या से उसकी चॉकलेट मांगी, तो उस मासूम ने बड़ी सहजता से अपनी चॉकलेट मुख्यमंत्री की ओर बढ़ा दी। इस (Heartwarming Human Interaction) को देखकर मुख्यमंत्री भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए और उन्होंने बच्ची को खूब आशीर्वाद दिया। ‘बाबा’ के इस रूप को देखकर वहां उपस्थित लोग भाव-विभोर हो गए, क्योंकि सत्ता के शिखर पर बैठे व्यक्ति का यह सरल व्यवहार उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।

इलाज के लिए आर्थिक मदद का मिला आश्वासन

जनता दर्शन में केवल घरेलू विवाद ही नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वाले लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी फरियादियों से कहा कि वे संबंधित अस्पताल से (Medical Treatment Estimate) मंगाकर जल्द से जल्द शासन को उपलब्ध कराएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि धन के अभाव में किसी भी उत्तर प्रदेश वासी का इलाज नहीं रुकेगा और सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी।

बिजली और पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर चली कैंची

मुख्यमंत्री के दरबार में बिजली विभाग की मनमानी और स्थानीय पुलिस की लापरवाही से जुड़े कई मामले भी सामने आए। योगी आदित्यनाथ ने इन (Administrative Accountability Checks) को सुनिश्चित करने के लिए प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को फॉरवर्ड किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार या कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी ताकि जनता का शासन पर विश्वास बना रहे।

सरकार हर नागरिक के सुख-दुख में है साथ

जनता दर्शन के समापन पर मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हर नागरिक के सुख और दुख में ढाल बनकर खड़ी है। इस (Government Support System) का उद्देश्य ही यह है कि कोई भी व्यक्ति खुद को लाचार न समझे। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश में ‘कानून का राज’ है और किसी भी पीड़ित को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

अधिकारियों को ‘जीरो टॉलरेंस’ की सख्त हिदायत

मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद सचिवों और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिलों में भी इसी तरह जनसुनवाई की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करें। उन्होंने कहा कि (Public Service Excellence) ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। यदि किसी जिले के अधिकारी ने फरियादी की बात नहीं सुनी और वह दोबारा लखनऊ आया, तो उस जिले के संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

न्याय की उम्मीद लेकर लौटे प्रदेशवासी

मुख्यमंत्री से सीधे संवाद और तुरंत कार्रवाई के आदेश के बाद जनता दर्शन में आए लोगों के चेहरे पर एक संतोषजनक चमक दिखाई दी। सीमा जैसी (Women Empowerment Initiative) की उम्मीद रखने वाली महिलाओं के लिए यह दरबार किसी वरदान से कम नहीं था। शाम तक सभी फरियादियों की शिकायतों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर लिया गया ताकि उनके निस्तारण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सके।

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