उत्तर प्रदेश

WaterTankIncident – महोबा के नगाराडांग में टंकी फटने की खबर गलत

WaterTankIncident – महोबा जिले के नगाराडांग गांव में पानी की टंकी फटने की खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता कार्यालय ने इस पूरे मामले का औपचारिक रूप से खंडन करते हुए कहा है कि टंकी में किसी भी तरह की टूट-फूट या संरचनात्मक क्षति नहीं हुई है। प्रारंभिक सूचना के बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। अधिकारियों का कहना है कि मामला तकनीकी गड़बड़ी का नहीं, बल्कि ओवरफ्लो का था, जिसे लेकर भ्रम की स्थिति बन गई।

टंकी की जांच के बाद सामने आई स्थिति

जांच के लिए विभागीय इंजीनियरों की टीम को तुरंत नगाराडांग भेजा गया। अधिशासी अभियंता संदेश सिंह तोमर द्वारा जिलाधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि पानी की टंकी पूरी तरह सुरक्षित है। टंकी की दीवारों, बेस और पाइपलाइन की बारीकी से जांच की गई, लेकिन कहीं भी दरार, रिसाव या संरचनात्मक कमजोरी के संकेत नहीं मिले। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पानी अधिक भर जाने के कारण टंकी से बाहर बहाव शुरू हुआ, जिसे कुछ लोगों ने टंकी फटने की घटना समझ लिया। जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं थी, जितनी प्रारंभिक खबरों में बताई जा रही थी।

ओवरफ्लो बना अफवाह की वजह

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, टंकी में निर्धारित स्तर से अधिक पानी भर जाने पर वह ऊपर से बहने लगा। ग्रामीण क्षेत्र में अचानक तेज बहाव देखकर लोगों में आशंका पैदा हुई। हालांकि तकनीकी रूप से यह एक ओवरफ्लो की स्थिति थी, जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि टंकी की स्वचालित निगरानी प्रणाली में कोई स्थायी खराबी नहीं पाई गई है। यह एक संचालन संबंधी लापरवाही का मामला प्रतीत होता है। इसी वजह से संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा की गई और प्राथमिक स्तर पर जिम्मेदार माने गए कर्मियों को हटाने की कार्रवाई की गई है।

एडीएम नमामि गंगे का बयान

महोबा के अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे ने भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि टंकी में किसी प्रकार का डैमेज नहीं पाया गया है। उन्होंने बताया कि केवल विभागीय जांच ही नहीं, बल्कि थर्ड पार्टी निरीक्षण भी कराया गया है ताकि किसी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे। इस स्वतंत्र जांच में भी टंकी की संरचना पूरी तरह सुरक्षित पाई गई। प्रशासन का कहना है कि पेयजल व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित हो रही है और गांव में पानी की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है।

जांच समिति का गठन और आगे की प्रक्रिया

जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण की पारदर्शी समीक्षा के लिए एक जांच समिति गठित कर दी है। यह समिति यह देखेगी कि ओवरफ्लो की स्थिति क्यों बनी और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और जहां भी संचालन में कमी पाई जाएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि अवश्य कर लें, ताकि अनावश्यक अफवाहों से बचा जा सके।

ग्रामीणों को भरोसा दिलाने की कोशिश

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने गांव में पहुंचकर लोगों से संवाद भी किया। अधिकारियों ने समझाया कि टंकी पूरी तरह सुरक्षित है और किसी प्रकार का खतरा नहीं है। ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया गया कि पेयजल आपूर्ति प्रणाली की नियमित जांच होती रहेगी। प्रशासन का मानना है कि समय रहते स्पष्ट जानकारी साझा करने से गलतफहमियां दूर होती हैं और भरोसा कायम रहता है।

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