UPWeather – तेज आंधी-बारिश से कई जिलों में दिन में छाया अंधेरा
UPWeather – उत्तर प्रदेश में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में दिन के समय ही अंधेरा छा गया। तेज हवाओं और घने बादलों के कारण सुबह करीब नौ बजे ही ऐसा माहौल बन गया कि लोगों को वाहनों की लाइट जलानी पड़ी। इसके बाद गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और गर्मी से कुछ राहत मिली।

तेज हवाओं और बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। इसके चलते पूरे दिन मौसम अस्थिर बना रहने की संभावना जताई गई। तापमान में लगभग 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित भी किया।
बाराबंकी में मिला-जुला असर
बाराबंकी जिले में हुई बारिश ने अलग-अलग वर्गों पर अलग प्रभाव डाला। जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गई। जिन किसानों की आलू और सरसों की फसल अभी खेतों में थी, उन्हें नुकसान की आशंका सताने लगी है। दूसरी ओर मेंथा की खेती करने वाले किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है।
शहरों में राहत, कारोबार प्रभावित
बारिश के बाद वातावरण में ठंडक बढ़ी और प्रदूषण स्तर में भी सुधार देखने को मिला। लोगों को साफ हवा में सांस लेने का मौका मिला, खासकर वे लोग जिन्हें धूल और प्रदूषण से परेशानी हो रही थी। हालांकि, दूसरी तरफ त्योहारों के चलते सड़क किनारे दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। बारिश के कारण ग्राहक कम पहुंचे और कारोबार प्रभावित हुआ।
गोंडा में फसलों को नुकसान की आशंका
गोंडा जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह तक मौसम सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल भीग गई, जिससे किसानों को नुकसान का डर है। स्थानीय किसानों का कहना है कि कटाई के समय बारिश होने से फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है और उत्पादन भी घट सकता है।
अमेठी और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति
अमेठी, भेंटुआ और जगदीशपुर क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। यहां खड़ी गेहूं और सरसों की फसलों पर असर पड़ने की आशंका है। कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने और फसल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी है। तेज हवाओं के कारण फसल गिरने का खतरा भी बना हुआ है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
तराई क्षेत्रों में भी बदला मौसम
श्रावस्ती और आसपास के तराई इलाकों में भी सुबह से ही मौसम का मिजाज बदल गया। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। इस बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इस समय कई फसलें कटाई के चरण में हैं। अचानक आई बारिश से खेतों में खड़ी और कटी दोनों तरह की फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
किसानों की बढ़ी चिंता
प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों का कहना है कि इस समय बारिश और तेज हवा फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। खासकर सरसों और गेहूं की फसल पर इसका असर पड़ने की संभावना है। किसानों का अनुमान है कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा तो उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।