Prayagraj Magh Mela Tent City Booking: संगम किनारे दिखी शाही ठाठ, प्रयागराज माघ मेले में लग्जरी टेंट सिटी ने मचाया तहलका
Prayagraj Magh Mela Tent City Booking: प्रयागराज की पावन धरती पर माघ मेले का आगाज होते ही संगम तट की रौनक देखते ही बन रही है। इस बार श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पर्यटन विभाग ने सुविधाओं का ऐसा पिटारा खोला है कि हर कोई हैरान है। अरैल घाट के पास बसी भव्य टेंट सिटी (Magh Mela Accommodation) श्रद्धालुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने इसे इस तरह डिजाइन किया है कि यहाँ आने वाले हर व्यक्ति को दिव्यता और आधुनिकता का एक साथ अहसास हो सके।

त्रिवेणी की रेत पर बसी सपनों की नगरी
संगम की रेतीली जमीन पर इस बार उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। देश-विदेश से आने वाले मेहमानों को रुकने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए एक पूरी आधुनिक कॉलोनी बसाई गई है। संगम तट पर सुरक्षित और यादगार प्रवास (Spiritual Tourism India) सुनिश्चित करने के लिए यूपीएसटीडीसी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। यह स्थान अब न केवल कल्पवासियों की आस्था का केंद्र है, बल्कि विलासिता चाहने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का मुख्य बिंदु बन चुका है।
पांच सितारा सुविधाओं से लैस आलीशान कॉटेज
पर्यटन विभाग ने इस टेंट सिटी को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है ताकि हर वर्ग का व्यक्ति यहाँ अपनी पसंद के अनुसार रुक सके। अरैल सेक्टर-7 में कुल 50 अत्याधुनिक कॉटेज तैयार किए गए हैं, जो पूरी तरह से इको-फ्रेंडली और आरामदायक हैं। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार इन (Luxury Tent Stay) कॉटेज का चयन कर सकते हैं। इन टेंटों के भीतर का इंटीरियर और वहाँ दी जाने वाली सुविधाएं किसी पांच सितारा होटल को टक्कर देती नजर आ रही हैं।
बजट और श्रेणी के अनुसार तय किया गया किराया
अगर आप भी इस जादुई नगरी का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको इसके किराये के बारे में जान लेना चाहिए। विभाग ने प्रीमियम कॉटेज का किराया 15,000 रुपये तय किया है, जबकि लग्जरी कॉटेज के लिए आपको 11,500 रुपये खर्च करने होंगे। सबसे किफायती (Affordable Deluxe Cottage) श्रेणी 7,500 रुपये की रखी गई है। खास बात यह है कि इस शुल्क में ठहरने वाले श्रद्धालुओं के लिए सात्विक और स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था भी शामिल की गई है।
ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया हुई बेहद आसान
अब आपको संगम किनारे ठहरने के लिए दर-दर भटकने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है। यूपीएसटीडीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप अपनी पसंद का कॉटेज बुक कर सकते हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में इस (Online Hotel Reservation) सुविधा ने विदेशी सैलानियों के लिए भी प्रयागराज आना बहुत सरल बना दिया है। वेबसाइट पर जाकर आप कॉटेज की उपलब्धता और उनकी श्रेणी को विस्तार से देख सकते हैं।
भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, इस टेंट सिटी का उद्देश्य सिर्फ आवास देना नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति का प्रचार करना भी है। परिसर के भीतर विशेष यज्ञशालाएं बनाई गई हैं जहाँ सुबह-शाम वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई देगी। यहाँ होने वाली (Cultural Events Prayagraj) प्रस्तुतियां पर्यटकों के मन को शांति और सुकून प्रदान करेंगी। शाम के समय यहाँ का माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है, जो भक्तों को एक अलग ही लोक में ले जाता है।
कलाग्राम और स्थानीय शिल्प को मिला नया मंच
टेंट सिटी के भीतर ही एक विशेष ‘कलाग्राम’ विकसित किया गया है, जो उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत को दर्शाता है। यहाँ आने वाले पर्यटक स्थानीय लोककला और शिल्पकारी के विभिन्न रूपों से रूबरू हो सकेंगे। इस नवाचार के माध्यम से (UP Tourism Development) प्रशासन ने स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक वैश्विक मंच प्रदान किया है। यहाँ की हस्तशिल्प कलाओं को देखकर विदेशी पर्यटक भी मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।
‘एक जिला एक उत्पाद’ से मिला रोजगार को बढ़ावा
संगम टेंट कॉलोनी में इस बार रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। ओडीओपी (ODOP) प्रदर्शनी के माध्यम से प्रयागराज की प्रसिद्ध मूंज कला के स्टॉल लगाए गए हैं। पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने वाली इस (Traditional Indian Handicrafts) पहल से स्थानीय कारीगरों के जीवन में बड़ा बदलाव आ रहा है। लोग यहाँ से मूंज के बने सजावटी सामानों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं, जिससे स्थानीय बाजार को भी मजबूती मिल रही है।
कल्पवासियों के लिए भक्ति और सुविधा का मेल
माघ मेले में कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार की व्यवस्थाएं अभूतपूर्व हैं। जहाँ एक ओर कल्पवासी कठिन नियमों का पालन करते हैं, वहीं प्रशासन ने उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा है। टेंट सिटी के पास (Holy Sangam Bath) जाने वाले रास्तों को सुगम बनाया गया है ताकि बुजुर्गों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। आस्था और विश्वास के इस महाकुंभ में तकनीक और परंपरा का यह मेल वाकई सराहनीय है।
पर्यटकों के लिए सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव
सुरक्षा के लिहाज से पूरी टेंट कॉलोनी को सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में रखा गया है। हर कॉटेज में फायर सेफ्टी के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। पर्यटकों के लिए गाइड और सूचना केंद्रों की (Traveler Security Services) व्यवस्था भी की गई है ताकि उन्हें मेले के दौरान किसी भी भ्रम का सामना न करना पड़े। प्रयागराज का यह बदला हुआ स्वरूप आज पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।



