ManjaAccident – चौक फ्लाईओवर पर डॉक्टर घायल, केस दर्ज
ManjaAccident – लखनऊ के चौक फ्लाईओवर पर 25 फरवरी की सुबह हुई एक घटना ने शहर में फिर से खतरनाक मांझे के उपयोग को लेकर चिंता बढ़ा दी है। केजीएमयू से जुड़े डॉक्टर दीपक कुमार गुप्ता ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी उनका सामना ऐसे मांझे से हुआ जिसने उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हजरतगंज निवासी डॉ. दीपक गुप्ता सुबह करीब 10 बजे अपने कार्यस्थल के लिए निकले थे। जब वह चौक क्षेत्र के फ्लाईओवर पर विशाल मेगा मार्ट के पास पहुंचे, तभी हवा में लटका या सड़क पर तना हुआ तेज धार वाला मांझा अचानक उनके गले में फंस गया। तेज खिंचाव के कारण उनके गले पर गहरा कट लग गया।
घटना इतनी अचानक हुई कि उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला। आसपास मौजूद लोगों की मदद से उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता पहुंचाई गई।
गंभीर चोटें और उपचार
डॉ. गुप्ता के गले के अलावा नाक और आंख के पास भी कट के निशान पाए गए। चिकित्सकीय जांच के बाद उनके गले पर लगभग दस टांके लगाए गए। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन यह घटना शहर की व्यस्त सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है।
चिकित्सकों के अनुसार, यदि मांझा थोड़ा और नीचे या अधिक तेज होता तो परिणाम और गंभीर हो सकते थे।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
चौक कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में मामला दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने बताया कि घटना की तहरीर मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रतिबंधित या खतरनाक मांझा किसने इस्तेमाल किया।
पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
खतरनाक मांझे पर बढ़ती चिंता
त्योहारों और पतंगबाजी के दौरान सिंथेटिक या धातु मिश्रित मांझे के इस्तेमाल से पहले भी कई हादसे सामने आ चुके हैं। यह मांझा न केवल दोपहिया सवारों बल्कि राहगीरों और पक्षियों के लिए भी खतरनाक साबित होता है। प्रशासन समय-समय पर इस पर प्रतिबंध और जागरूकता अभियान चलाता रहा है, फिर भी ऐसे मामले सामने आना चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रतिबंधित मांझे का उपयोग न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी।



