Mainpuri News – कुरावली में ‘पत्थर बनी महिला’ की अफवाह से फैली अचानक हलचल
Mainpuri News – शनिवार की सुबह मैनपुरी जिले के कुरावली कस्बे में एक असामान्य घटना को लेकर पूरे इलाके में बेचैनी फैल गई। गिहार कॉलोनी के पीछे स्थित फर्दखाना मोहल्ले में यह चर्चा तेजी से फैल गई कि एक घर के भीतर सो रही महिला अचानक पत्थर की प्रतिमा में बदल गई है। देखते ही देखते आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए। लोग घर के बाहर खड़े होकर तरह-तरह की बातें करने लगे और कुछ ने इसे दैवीय चमत्कार बताना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करते हुए स्थिति का आकलन किया।

अफवाह की शुरुआत और स्थानीय दावे
जांच के प्रारंभिक चरण में सामने आया कि यह अफवाह हीरापुर गांव के निवासी संजू सिंह के बयान से फैली थी। उसने दावा किया था कि उसकी पत्नी लंबे समय से बीमार रहती है और घर में रखी धार्मिक प्रतिमा की नियमित पूजा करती है। उसके अनुसार, सुबह जब उसने पत्नी को देखा तो वह पत्थर जैसी हो चुकी थी। इस बात के फैलते ही आसपास के लोग उत्सुकता और डर के मिश्रित भाव के साथ वहां पहुंचने लगे। कई लोगों ने इसे चमत्कार मान लिया, जबकि कुछ ने इसे अंधविश्वास करार दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई
स्थिति बिगड़ती देख नायब तहसीलदार अखिल गोयल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घर के भीतर जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया और बाहर खड़ी भीड़ से बातचीत की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई वैज्ञानिक या तथ्यात्मक आधार नहीं है जिससे यह माना जा सके कि कोई व्यक्ति पत्थर में बदल सकता है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
भीड़ को शांत करना और कानूनी पहलू
बढ़ती भीड़ के कारण इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर धीरे-धीरे वहां से हटाया और अनावश्यक जमावड़ा समाप्त कराया। इस दौरान संजू सिंह को भी थाना बुलाया गया और उसे भविष्य में ऐसी भ्रामक बातें फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि मामले में किसी प्रकार की हिंसा या जबरदस्ती की स्थिति नहीं बनी, लेकिन अफवाह से सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा जरूर पैदा हो गया था।
महिला की तलाश और जांच प्रक्रिया
घटना के बाद यह सवाल भी उठा कि संजू की पत्नी आखिर कहां है। क्षेत्राधिकारी सच्चिदानंद सिंह के अनुसार, शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि महिला के पत्थर बनने की बात पूरी तरह निराधार थी। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश कर रही है ताकि उसका स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि उसके मिलने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
अंधविश्वास और सामाजिक संदेश
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में फैले अंधविश्वास और अफवाहों के प्रभाव को उजागर किया है। स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी असामान्य जानकारी पर तुरंत विश्वास करने के बजाय प्रशासन से संपर्क करें। प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच की जाएगी और लोगों को सही जानकारी दी जाएगी।



