उत्तर प्रदेश

LucknowITCity – आईटी सिटी योजना में ईडी जांच से बढ़ी मुश्किलें…

LucknowITCity – राजधानी लखनऊ की आईटी सिटी योजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सुल्तानपुर रोड पर विकसित की जा रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की कार्रवाई से नया मोड़ आ गया है। जानकारी के अनुसार योजना से जुड़ी करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत अटैच किया है। इससे परियोजना की आगे की प्रक्रिया और जमीन हस्तांतरण को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

लैंडपूलिंग के जरिए विकसित हो रही है योजना

लखनऊ विकास प्राधिकरण सुल्तानपुर रोड के पास किसान पथ के किनारे लगभग 1054 हेक्टेयर क्षेत्र में आईटी सिटी परियोजना विकसित कर रहा है। इस योजना के तहत 11 गांवों की जमीन लैंडपूलिंग मॉडल के जरिए ली जा रही है। प्राधिकरण की नीति के अनुसार जमीन देने वाले किसानों को बदले में विकसित प्लॉट दिए जाते हैं। सामान्य तौर पर 25 प्रतिशत विकसित जमीन लौटाई जाती है, जबकि 10 एकड़ से अधिक जमीन देने वाले भूस्वामियों को 50 प्रतिशत तक विकसित भूखंड देने का प्रावधान रखा गया है।

जांच के दौरान सामने आई ईडी की कार्रवाई

परियोजना के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया के दौरान यह जानकारी सामने आई कि योजना में शामिल कई गांवों की कुछ जमीनें पहले से ईडी की जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन जमीनों को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अटैच किया गया है। सूत्रों का कहना है कि एक बिल्डर द्वारा संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के जरिए यह जमीन खरीदी गई थी। जांच एजेंसी ने संबंधित रजिस्ट्रियों और दस्तावेजों की जानकारी जिला प्रशासन और तहसील अधिकारियों को भी भेजी है।

कई गांव योजना के दायरे में शामिल

आईटी सिटी परियोजना के अंतर्गत बक्कास, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, मोहारी कला, खुजौली, भटवारा, सोनई कंजेहरा और पहाड़नगर टिकरिया जैसे गांव शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन क्षेत्रों की कुछ जमीनों को लेकर कानूनी और वित्तीय जांच चल रही है। इससे जमीन अधिग्रहण और विकास कार्यों की गति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

अभी तक सीमित जमीन ही हो सकी एकत्र

एलडीए अब तक लगभग 300 हेक्टेयर जमीन ही लैंडपूलिंग के जरिए प्राप्त कर सका है। बाकी जमीन के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया अपनाने की तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कानूनी विवाद लंबे समय तक चलते हैं तो परियोजना के विस्तार और समयसीमा पर असर पड़ सकता है। हालांकि प्राधिकरण का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

एलडीए ने कहा, योजना प्रभावित नहीं होगी

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के दौरान जब जिलाधिकारी मुआवजे की घोषणा करते हैं, तब संबंधित मामलों का निस्तारण कर लिया जाता है। उनके अनुसार ईडी की कार्रवाई के बावजूद परियोजना पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण विकास कार्यों को तय योजना के अनुसार आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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