उत्तर प्रदेश

Investment – सिंगापुर दौरे में यूपी के हिस्से में आए 6650 करोड़ के तीन समझौते

Investment – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों सिंगापुर दौरे पर हैं और इस यात्रा की शुरुआत ही राज्य के लिए अहम आर्थिक उपलब्धि के साथ हुई है। सोमवार को यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने प्रदेश में कुल 6,650 करोड़ रुपये के निवेश के लिए तीन अलग-अलग समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ये प्रस्ताव हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं। राज्य सरकार के मुताबिक इन परियोजनाओं से 20 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।

राज्य की नीतिगत स्थिरता पर जोर

मुख्यमंत्री ने सिंगापुर में निवेशकों के साथ बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति और पारदर्शी नीतिगत ढांचा उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि सरकार हर स्तर पर सहयोग और त्वरित स्वीकृति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से डेटा सेंटर परियोजना के संदर्भ में समूह को लखनऊ आने का निमंत्रण भी दिया।

जेवर एयरपोर्ट के पास विकसित होगी थीम आधारित टाउनशिप

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट लगभग 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग परियोजना प्रस्तावित है। इस परियोजना में करीब 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। राज्य सरकार का अनुमान है कि इससे लगभग 12 हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। परियोजना के 2027 तक शुरू होने की संभावना जताई गई है। जेवर एयरपोर्ट के विकास के साथ यह आवासीय टाउनशिप क्षेत्र की रियल एस्टेट गतिविधियों को नई गति दे सकती है और आसपास के औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क की योजना

दूसरे समझौते के तहत कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में 650 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। सरकार के अनुसार इससे करीब 7,500 लोगों को रोजगार मिल सकता है। 2027 तक इसके संचालन में आने की संभावना जताई जा रही है। हाईवे के रणनीतिक स्थान को देखते हुए यह पार्क माल ढुलाई और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक ढांचे को मजबूती मिलेगी।

नोएडा क्षेत्र में हाइपर स्केल डेटा सेंटर पार्क

तीसरे समझौते के अंतर्गत नोएडा या ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपर स्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में लगभग 2,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। अनुमान है कि इससे करीब 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह परियोजना 2028 तक शुरू हो सकती है। डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए यह डेटा सेंटर पार्क राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। नोएडा क्षेत्र पहले से ही आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियों का केंद्र रहा है, ऐसे में यह पहल उस पहचान को और मजबूत कर सकती है।

रोजगार और औद्योगिक विकास पर असर

इन तीनों परियोजनाओं को मिलाकर प्रदेश में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होने की उम्मीद है। हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेवाएं ऐसे क्षेत्र हैं जो न केवल प्रत्यक्ष रोजगार देते हैं बल्कि निर्माण, परिवहन और सहायक सेवाओं के माध्यम से अप्रत्यक्ष अवसर भी पैदा करते हैं। राज्य सरकार का मानना है कि विदेशी निवेश से स्थानीय उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

सरकार का निवेशकों को भरोसा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दोहराया कि उत्तर प्रदेश अब तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि उसे धरातल पर उतारना भी है। इसी दृष्टिकोण के साथ सिंगापुर दौरे को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं की प्रगति पर सभी की नजर रहेगी, क्योंकि यह प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती हैं।

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