InsuranceRefund – बेसिक शिक्षकों को बीमा प्रीमियम वापसी के लिए मिलेगा 134 करोड़ का प्रावधान
InsuranceRefund– उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत का ऐलान किया है। अनुपूरक बजट में सामूहिक बीमा योजना के तहत वेतन से काटी गई प्रीमियम राशि लौटाने के लिए 134 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। लंबे समय से इस धनराशि की वापसी की मांग की जा रही थी, लेकिन बजटीय व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी।

2014 के बाद नियुक्त कर्मचारियों से हुई थी कटौती
विभागीय जानकारी के अनुसार, 31 मार्च 2014 के बाद नियुक्त बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन से हर महीने 87 रुपये सामूहिक बीमा प्रीमियम के रूप में काटे जाते रहे। यह कटौती अगस्त-सितंबर 2022 तक जारी रही। बाद में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने स्पष्ट किया कि संबंधित बीमा योजना वर्ष 2014 से पहले ही बंद हो चुकी थी।
विरोध के बाद रोकी गई थी कटौती
बीमा योजना बंद होने की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों ने इस कटौती पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद विभाग ने वेतन से प्रीमियम की कटौती बंद कर दी। साथ ही, अब तक काटी गई राशि का विवरण जुटाने और उसे वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। ताजा बजटीय प्रावधान के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
लाखों कर्मचारियों को मिल सकती है राहत
134 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के बाद बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों को उनकी काटी गई राशि वापस मिलने का रास्ता साफ हो गया है। विभागीय स्तर पर पात्र लाभार्थियों का विवरण तैयार किया जा रहा है, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धनराशि वापस की जा सके। इस फैसले को लंबे समय से लंबित मांग के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अन्य शिक्षा योजनाओं के लिए भी बजट
अनुपूरक बजट में शिक्षा क्षेत्र की अन्य योजनाओं के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया गया है। विभाग ने रसोइयों के मानदेय से संबंधित राज्यांश के लिए 216 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए 44.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल अध्ययन संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा।
सैनिक स्कूल और संस्कृत विश्वविद्यालय को भी सहायता
बजट में कैप्टन मनोज पांडेय उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल की क्षमता बढ़ाने के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।