GSTRaid – ऑपरेशन कवच के तहत नौ बसों पर कार्रवाई, कर नियमों की जांच तेज
GSTRaid– राज्य कर विभाग ने कर चोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन कवच” अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ ऐसी बसों को पकड़ा है, जिनका उपयोग यात्रियों के बजाय माल ढुलाई के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दिल्ली से लाया गया सामान आवश्यक कर संबंधी दस्तावेजों के बिना परिवहन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान लखनऊ की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसके बाद सभी बसों को आगे की जांच के लिए राज्य कर विभाग के कार्यालय लाया गया।

प्रमुख मार्गों पर सघन जांच अभियान
राज्य कर विभाग की टीम ने अभियान के दौरान राजधानी में प्रवेश करने वाले विभिन्न मार्गों पर वाहनों की गहन जांच की। अधिकारियों ने उन बसों को विशेष रूप से चिह्नित किया, जिनमें यात्रियों की जगह बड़ी मात्रा में व्यावसायिक सामान ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान कई बसों में माल के परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज, ई-वे बिल और अन्य वैध अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। इसके बाद संबंधित बसों को विभागीय कार्यालय भेजकर आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।
बरामद माल का किया जा रहा सत्यापन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई बसों से मिले सामान का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। माल की प्रकृति, मात्रा और उससे जुड़े दस्तावेजों का मिलान करने के बाद यह तय किया जाएगा कि कर नियमों का कितना उल्लंघन हुआ है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित मामलों में नियमानुसार जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से अपनाई जा रही है।
संयुक्त अभियान में कई टीमें रहीं सक्रिय
राज्य कर विभाग के जोन-प्रथम के अपर आयुक्त मनोज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि यह अभियान जोन-दो के अपर आयुक्त अमरेश त्रिपाठी के नेतृत्व में संयुक्त रूप से संचालित किया गया। कार्रवाई में विभाग की पांच सचल दल इकाइयों ने भाग लिया। अभियान के दौरान नौ बसों में ऐसा माल मिला, जिसके साथ आवश्यक ई-वे बिल और वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
परिवहन विभाग का भी मिला सहयोग
इस विशेष अभियान में राज्य कर विभाग के साथ परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन आस्था बंसल सहित रमेश कुमार, श्याम सुंदर पाठक, खुश्बू, रवीश कुमार सिंह और श्याम वीर सिंह अभियान का हिस्सा रहे। अधिकारियों का कहना है कि कर चोरी रोकने और माल परिवहन व्यवस्था को नियमों के अनुरूप बनाए रखने के लिए आगे भी ऐसे संयुक्त अभियान जारी रहेंगे।