DrugSeizure – गया एयरपोर्ट पर हाईटेक गांजा बरामद, जांच तेज
DrugSeizure – बिहार के गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद किया है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब बैंकॉक से आई एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के साथ पहुंचे दो संदिग्ध बैगों की जांच की गई। शुरुआती जांच में ही इन बैगों की स्थिति ने अधिकारियों का ध्यान खींचा, जिसके बाद उन्हें अलग रखकर निगरानी में लिया गया।

तीन दिन तक कोई लेने नहीं आया सामान
जानकारी के मुताबिक, ये दोनों बैग एयरपोर्ट परिसर में करीब तीन दिनों तक बिना किसी दावेदार के पड़े रहे। इस दौरान कोई यात्री इन्हें लेने नहीं पहुंचा, जिससे कस्टम अधिकारियों का संदेह और गहरा गया। नियमों के अनुसार, निर्धारित समय तक लावारिस रहने के बाद बैगों की जांच करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए सावधानीपूर्वक तलाशी शुरू की।
तलाशी में मिला महंगा मादक पदार्थ
जब बैग खोले गए तो उनके अंदर से करीब 10 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक तकनीक से तैयार किया गया गांजा बरामद हुआ। यह सामान्य गांजे से अलग होता है और विशेष तकनीक के जरिए उगाया जाता है, जिससे इसकी गुणवत्ता और बाजार मूल्य काफी अधिक होता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये के आसपास आंकी गई है।
बरामदगी के बाद बढ़ी सतर्कता
इस घटना के सामने आने के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। कस्टम विभाग के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं और पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
संगठित गिरोह की भूमिका की जांच
कस्टम विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस तरह की तस्करी बिना किसी संगठित गिरोह के संभव नहीं होती। इसी को ध्यान में रखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन बैगों को एयरपोर्ट तक कौन लाया और इन्हें लेने कोई क्यों नहीं पहुंचा।
सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी
पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए एयरपोर्ट परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही, संबंधित उड़ान के यात्रियों और सामान की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं, ताकि तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके और आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



