ConversionCase – अवैध धर्मांतरण मामले में अधूरी है विदेशी कनेक्शन की जांच
ConversionCase – उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण से जुड़े मामले में जांच एजेंसियों को अभी कई अहम कड़ियों तक पहुंचना बाकी है। इस प्रकरण के मुख्य आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के कथित विदेशी संबंधों, खासकर सीरिया से जुड़े लिंक की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसी तरह, उसके सहयोगी नवीन रोहरा से जुड़े विदेशी बैंक खातों की पड़ताल भी अधूरी बताई जा रही है। एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कस दिया है, लेकिन कई पहलुओं पर अभी और जांच जारी है।

विदेशी कनेक्शन की जांच में सामने आए संकेत
जांच एजेंसियों के अनुसार, नवीन रोहरा एक शिपिंग कंपनी से जुड़ा हुआ था, जिसके मालिक का संबंध सीरिया से बताया जा रहा है। इस कंपनी के जरिए बड़े पैमाने पर धनराशि के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि इस कंपनी का उपयोग केवल एक माध्यम के रूप में किया गया, जिसके जरिए विदेशी स्रोतों से पैसा भारत तक पहुंचाया गया। हालांकि, कंपनी के वास्तविक संचालन और इसके पीछे के लोगों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है।
संदिग्ध लेनदेन और बैंक खातों की पड़ताल
एसटीएफ की शुरुआती जांच में यह संकेत मिले थे कि नवीन रोहरा के नाम पर विदेशों में बैंक खाते मौजूद हैं, जिनमें स्विस बैंक भी शामिल बताए गए हैं। इन खातों में धन के प्रवाह को लेकर संदेह जताया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि यह राशि कई चरणों में अलग-अलग खातों के जरिए स्थानांतरित की गई और बाद में भारत लाई गई। एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन लेनदेन के पीछे असली स्रोत क्या था।
जमीन खरीद में इस्तेमाल हुआ पैसा
जांच में यह भी सामने आया है कि विदेश से आए धन का उपयोग उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में जमीन खरीदने के लिए किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह लेनदेन सामान्य व्यावसायिक गतिविधि जैसा नहीं लगता, बल्कि इसके पीछे किसी संगठित योजना की आशंका जताई जा रही है। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए एजेंसियां दस्तावेजों और लेनदेन की पूरी श्रृंखला को खंगाल रही हैं।
प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी अपनी जांच के तहत कार्रवाई की है। एजेंसी ने नवीन रोहरा की पत्नी नीतू रोहरा से जुड़ी 13.02 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया है। इसमें चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं। ईडी की जांच में यह संकेत मिला है कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने संदिग्ध स्रोतों से बड़ी मात्रा में धन हासिल किया था, जिसकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई
फिलहाल एटीएस, एसटीएफ और ईडी जैसी एजेंसियां इस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि विदेशी कनेक्शन, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस पूरे नेटवर्क की संरचना क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
मामले की गंभीरता पर नजर
यह मामला न केवल अवैध गतिविधियों बल्कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच एजेंसियां इस बात पर विशेष ध्यान दे रही हैं कि किसी भी तरह की अवैध फंडिंग या नेटवर्क को पूरी तरह उजागर किया जा सके। आने वाले समय में इस मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।