Chinese Manjha – लखनऊ में युवक की दर्दनाक मौत के बाद सख्त हुआ प्रशासन
Public safety enforcement update – राजधानी लखनऊ में चीनी मांझे से हुई एक युवक की मौत ने प्रशासन को गंभीर कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में चीनी मांझे के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे जन सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला, पूरे प्रदेश में प्रतिबंध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में कहा है कि चीनी मांझे का इस्तेमाल किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश भर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। अवैध रूप से चीनी मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इस पूरे अभियान की उच्च स्तर पर समीक्षा भी की जाएगी ताकि किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
मौतों को माना जाएगा हत्या का मामला
सरकार ने इस मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि चीनी मांझे के कारण यदि किसी व्यक्ति की जान जाती है, तो उसे सामान्य हादसा नहीं बल्कि हत्या की श्रेणी में रखा जाएगा। इसका अर्थ यह है कि दोषियों पर आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से लापरवाह और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
बाजारखाला की घटना ने झकझोरा शहर
बुधवार दोपहर लखनऊ के बाजारखाला क्षेत्र में हैदरगंज ओवरब्रिज पर हुई घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। दुबग्गा के सीते बिहार निवासी 34 वर्षीय सैयद शोएब, जो पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव थे, अपने काम से मिल एरिया की ओर जा रहे थे। इसी दौरान हवा में लटका चीनी मांझा अचानक उनकी गर्दन में फंस गया।
तेज धार वाले मांझे से कटी गर्दन की नस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मांझा इतना मजबूत और धारदार था कि शोएब की गर्दन की नस कट गई। वह दर्द से तड़पते हुए मांझा हटाने की कोशिश करने लगे, लेकिन इसी बीच उनकी बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई और वह सड़क पर गिर पड़े। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी।
स्थानीय लोगों की तत्परता, फिर भी नहीं बची जान
मौके पर मौजूद लोगों ने बिना देर किए उन्हें ई-रिक्शा के जरिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने का प्रयास किया। कई बाइक सवार रास्ता साफ कराते हुए आगे-आगे चलते रहे ताकि समय पर इलाज मिल सके। इसके बावजूद अस्पताल पहुंचने से पहले ही अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पहले भी सामने आ चुके हैं खतरे के मामले
यह पहली घटना नहीं है जब चीनी मांझे ने सार्वजनिक सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हों। कुछ दिन पहले पतंग का तार हाईटेंशन लाइन पर गिरने से मेट्रो सेवाएं बाधित हो गई थीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। ऐसे मामलों ने यह साफ कर दिया है कि चीनी मांझा न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामूहिक सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है।
प्रशासन की अपील और आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पतंगबाजी के दौरान केवल सुरक्षित और स्वीकृत धागों का ही इस्तेमाल करें। अवैध मांझे की जानकारी मिलने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। सरकार का कहना है कि जन सहयोग के बिना इस तरह के खतरों पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि मनोरंजन के नाम पर की गई लापरवाही कितनी जानलेवा साबित हो सकती है।



