WinterChampionship – औली में राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों का आगाज
WinterChampionship – औली की बर्फीली ढलानों पर शुक्रवार से राष्ट्रीय शीतकालीन चैंपियनशिप का रोमांच शुरू हो गया। देशभर से आई 17 टीमें यहां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। लंबे इंतजार के बाद शुरू हो रहे इन खेलों को लेकर खिलाड़ियों और आयोजकों दोनों में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। प्रतियोगिता के लिए स्लोप को अंतिम रूप दिया जा चुका है और खिलाड़ियों ने पंजीकरण के बाद अभ्यास भी आरंभ कर दिया है।

तैयारियों को अंतिम रूप
प्रतियोगिता से एक दिन पहले आयोजकों ने दोनों प्रमुख स्लोप का स्थलीय निरीक्षण किया। जिन स्थानों पर बर्फ कम पाई गई, वहां अन्य हिस्सों से बर्फ लाकर सतह को संतुलित किया गया। इस बार मुख्य स्लोप में बर्फ अपेक्षाकृत कम होने के कारण प्रतियोगिताएं आठ नंबर टावर से आयोजित की जा रही हैं। अभ्यास के लिए खिलाड़ियों के लिए अलग स्लोप निर्धारित किया गया है, जहां पर्याप्त बर्फ उपलब्ध है।
गढ़वाल मंडल विकास निगम के स्कीइंग प्रशिक्षक प्रदीप मंद्रवाल ने बताया कि तकनीकी मानकों के अनुरूप सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा, ट्रैक की गुणवत्ता और खिलाड़ियों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है ताकि प्रतियोगिता सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
देशभर से पहुंचे खिलाड़ी
इस चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात के साथ सेना, आईटीबीपी और सीआरपीएफ की टीमें भाग ले रही हैं। कुल 17 दलों की मौजूदगी ने आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप दिया है।
हिमाचल से आई खिलाड़ी निताशा मेहर ने बताया कि वह स्कीइंग माउंटेनियरिंग स्पर्धा में हिस्सा लेंगी और पदक जीतने के लिए पूरी मेहनत करेंगी। उन्होंने औली की ढलानों को चुनौतीपूर्ण और रोमांचक बताया। उड़ीसा की रंजीता बोहरा ने कहा कि मैदानी क्षेत्र से होने के कारण उन्हें अभ्यास के लिए बाहर जाना पड़ता है, लेकिन औली में प्रतियोगिता का अनुभव अलग ही होता है। पंजाब के अजय ठाकुर और जम्मू-कश्मीर के वशीम भट ने भी बेहतर प्रदर्शन का भरोसा जताया।
प्रतियोगिता का कार्यक्रम
चार दिनों तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। 13 फरवरी को उद्घाटन समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय स्कीइंग प्रदर्शन होंगे। आईटीबीपी द्वारा स्की और रेस्क्यू डेमो भी प्रस्तुत किया जाएगा।
14 फरवरी को अल्पाइन स्कीइंग के तहत जाइंट स्लालोम (महिला-पुरुष) और स्नोबोर्ड जाइंट स्लालोम होंगे। 15 फरवरी को अल्पाइन स्लालोम, स्नोबोर्ड स्लालोम और स्की माउंटेनियरिंग स्प्रिंट स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। 16 फरवरी को पुरस्कार वितरण और समापन समारोह के साथ प्रतियोगिता संपन्न होगी।
विंटर कार्निवल की रंगत
राष्ट्रीय खेलों के साथ ही औली में विंटर कार्निवल का आयोजन भी किया जा रहा है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ के अनुसार, कार्निवल में पांडवास ग्रुप और लोक गायक किशन महिपाल की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र होगी। इसके अलावा स्नो शू रेस, स्नो मैराथन, बच्चों के स्नो गेम, योगा इन स्नो और नाइट स्कीइंग जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।
इन आयोजनों से स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कार्निवल के जरिए खेल और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा।
पर्यटकों की बढ़ती मौजूदगी
खेलों और कार्निवल को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक औली पहुंचने लगे हैं। हालांकि निचले क्षेत्रों में बर्फ कुछ हद तक पिघल चुकी है, लेकिन ऊपरी ढलानों पर अभी भी पर्याप्त बर्फ जमी हुई है। पर्यटक बर्फ का आनंद लेने के साथ-साथ प्रतियोगिताओं को लेकर भी उत्साहित नजर आए।
नोएडा से आए दलीप और सुनीता ने बताया कि औली आकर उन्हें अलग अनुभव मिला है। उनके अनुसार, खेल और कार्निवल दोनों का आनंद एक साथ मिलना इस यात्रा को खास बना देता है।
राष्ट्रीय शीतकालीन चैंपियनशिप के साथ औली एक बार फिर खेल प्रेमियों और पर्यटकों का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में प्रतियोगिता के रोमांचक मुकाबले और सांस्कृतिक कार्यक्रम यहां की फिजा को और जीवंत बनाएंगे।



