TheHundred – पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद की नीलामी पर उठे सवाल
TheHundred – इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी आधारित क्रिकेट लीग ‘द हंड्रेड’ की हालिया नीलामी के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स द्वारा खरीदे जाने के फैसले पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। यह टीम भारतीय प्रीमियर लीग से जुड़ी फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के स्वामित्व वाले समूह का हिस्सा मानी जाती है, जिसकी मालिकाना संरचना में काव्या मारन का नाम भी शामिल है। नीलामी के बाद इस फैसले को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच बहस छिड़ गई है।

बीसीसीआई की प्रतिक्रिया आई सामने
इस मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय बीसीसीआई के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उनका कहना है कि यह एक विदेशी लीग का मामला है और इसमें लिए गए फैसलों पर संबंधित लीग और उसके आयोजकों को ही निर्णय लेना होगा।
राजीव शुक्ला ने कहा कि भारतीय बोर्ड का इस प्रक्रिया में कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं है। चूंकि यह इंग्लैंड में आयोजित होने वाली लीग से जुड़ा मामला है, इसलिए इस पर अंतिम निर्णय वहीं की क्रिकेट संस्था और फ्रेंचाइजी प्रबंधन द्वारा लिया जाएगा।
नीलामी में इतनी रकम में खरीदे गए अबरार अहमद
लंदन में आयोजित ‘द हंड्रेड’ की पहली पुरुष खिलाड़ियों की नीलामी के दौरान सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को 1.90 लाख पाउंड में अपने साथ जोड़ा। भारतीय मुद्रा में यह रकम काफी बड़ी मानी जा रही है। नीलामी के दौरान इस खिलाड़ी को लेने के लिए कई टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिली।
सूत्रों के अनुसार, अबरार अहमद के लिए सनराइजर्स लीड्स और ट्रेंट रॉकेट्स के बीच बोली काफी देर तक चली। आखिरकार सनराइजर्स लीड्स ने अंतिम बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया। इस खरीद के साथ वह इस लीग में किसी भारतीय स्वामित्व वाली टीम से जुड़ने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए हैं।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
नीलामी के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूजर्स ने टीम प्रबंधन और सह-मालकिन काव्या मारन का नाम लेते हुए इस निर्णय पर सवाल उठाए। कुछ लोगों ने पिछले वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के दौरान अबरार अहमद से जुड़े कथित सोशल मीडिया पोस्ट का भी उल्लेख किया।
हालांकि इन प्रतिक्रियाओं के बीच कई क्रिकेट प्रशंसकों ने यह भी कहा कि फ्रेंचाइजी लीगों में खिलाड़ियों का चयन आमतौर पर उनकी खेल क्षमता के आधार पर किया जाता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय लीगों में विभिन्न देशों के खिलाड़ियों का एक साथ खेलना सामान्य बात मानी जाती है।
सन टीवी समूह के पास है फ्रेंचाइजी का स्वामित्व
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस टीम का स्वामित्व भारतीय मीडिया कंपनी सन टीवी समूह के पास है। पिछले वर्ष इस समूह ने इंग्लैंड में मौजूद इस फ्रेंचाइजी को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लिया था। इससे पहले यह टीम नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स नाम से जानी जाती थी।
बताया जाता है कि सन टीवी समूह ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड और यॉर्कशायर क्रिकेट से हिस्सेदारी खरीदकर लगभग 100 मिलियन पाउंड में इस फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण किया था। इसके बाद टीम का नाम बदलकर सनराइजर्स लीड्स रखा गया।
आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की अनुपस्थिति
भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक संबंधों में तनाव के कारण 2008 के बाद से किसी भी पाकिस्तानी क्रिकेटर ने इंडियन प्रीमियर लीग में हिस्सा नहीं लिया है। उस समय आईपीएल के पहले सीजन में कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी शामिल हुए थे, लेकिन बाद के वर्षों में यह स्थिति बदल गई।
इसके बावजूद दुनिया भर की कई टी20 लीगों में आईपीएल से जुड़ी फ्रेंचाइजी या उनके मालिकाना समूहों की टीमें मौजूद हैं। इन लीगों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खेलने के अवसर मिलते रहे हैं और कई खिलाड़ी अलग-अलग देशों की फ्रेंचाइजी टीमों का हिस्सा भी बन चुके हैं।



