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T20WorldCup – विश्व कप से बाहर होने पर शनाका का बड़ा बयान

T20WorldCup – टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका ने टीम के प्रदर्शन पर खुलकर बात की है। सुपर आठ चरण में न्यूजीलैंड से हार के साथ ही श्रीलंका का सफर समाप्त हो गया। इससे पहले टीम को इंग्लैंड के हाथों भी शिकस्त झेलनी पड़ी थी, जिससे अंतिम मुकाबला औपचारिक बनकर रह गया। टूर्नामेंट से विदाई के बाद शनाका ने माना कि टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी, लेकिन उन्होंने हार के पीछे सिर्फ खेल से जुड़ी वजहों को जिम्मेदार नहीं ठहराया।

नकारात्मक माहौल पर जताई चिंता

मैच के बाद बातचीत में शनाका ने कहा कि मैदान के बाहर बन रहे माहौल का असर खिलाड़ियों पर पड़ा। उनके अनुसार, लगातार आलोचना और नकारात्मक चर्चाएं टीम के मनोबल को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरते हैं, लेकिन बाहरी माहौल को नियंत्रित करना उनके हाथ में नहीं होता। कप्तान का मानना है कि जब हार मिलती है तो आलोचना स्वाभाविक है, लेकिन लगातार नकारात्मकता से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कमजोर पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश में क्रिकेट को लेकर भावनाएं बहुत गहरी हैं, इसलिए हर हार के बाद प्रतिक्रिया तीखी हो जाती है। हालांकि, टीम के भीतर सुधार को लेकर गंभीरता है और खिलाड़ी अपनी कमियों से वाकिफ हैं।

सरकार से हस्तक्षेप की अपील

शनाका ने एक अलग तरह की मांग भी रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सरकार को सकारात्मक माहौल बनाने में भूमिका निभानी चाहिए। उनका कहना था कि भविष्य के खिलाड़ियों के हित में ऐसा वातावरण जरूरी है, जहां वे दबाव से मुक्त होकर खेल सकें। कप्तान के इस बयान ने चर्चा जरूर पैदा की है, लेकिन उन्होंने इसे खिलाड़ियों के भले के नजरिए से रखा।

उनके अनुसार, जब युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखते हैं, तो उन्हें समर्थन की आवश्यकता होती है। आलोचना खेल का हिस्सा है, लेकिन संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।

प्रशंसकों से मांगी माफी

शनाका ने हार की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए प्रशंसकों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि टीम इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी और कुछ फैसले अलग होते तो परिणाम बदल सकता था। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच को उन्होंने एकतरफा बताया और माना कि टीम उस दिन अपेक्षा के अनुरूप नहीं खेल पाई।

कप्तान ने कहा कि खिलाड़ियों की मंशा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता, क्योंकि हर कोई देश के लिए सर्वश्रेष्ठ देना चाहता है। कभी-कभी छोटी गलतियां बड़े अंतर का कारण बन जाती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतिम मुकाबले में टीम बेहतर खेल दिखाकर टूर्नामेंट का समापन सकारात्मक तरीके से करेगी।

पिच और चयन पर भी रखी राय

शनाका ने यह भी कहा कि टूर्नामेंट की पिचें उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहीं। उनका मानना है कि टीम में ऐसे बल्लेबाज चुने गए थे जिनका घरेलू क्रिकेट में स्ट्राइक रेट अच्छा रहा है और जो आक्रामक शैली में खेलते हैं। लेकिन परिस्थितियां हमेशा योजना के मुताबिक नहीं चलतीं।

उन्होंने साफ किया कि टीम चयन क्षमता के आधार पर हुआ था और किसी पर कोई दबाव नहीं था। खिलाड़ियों की नीयत पर सवाल उठाना उचित नहीं है, क्योंकि सभी देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं।

फिटनेस और चोटों ने बढ़ाई परेशानी

कप्तान ने स्वीकार किया कि फिटनेस एक अहम मुद्दा रहा। उनके अनुसार, चार से पांच प्रमुख खिलाड़ी चोट के कारण पूरी तरह उपलब्ध नहीं थे, जिससे टीम संतुलन प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए फिटनेस सर्वोपरि है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

शनाका ने माना कि अगर टीम को भविष्य में मजबूत वापसी करनी है तो फिटनेस और तैयारी के स्तर को विश्व मानकों के अनुरूप बनाना होगा।

कप्तानी पर भी जताई अनिश्चितता

हार के बाद कप्तानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इस पर शनाका ने कहा कि यह निर्णय बोर्ड और चयनकर्ताओं के हाथ में है। उन्होंने बताया कि उन्हें लंबे समय तक टीम की अगुवाई करने का अवसर मिला, जिसके लिए वह आभारी हैं। विश्व कप में कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व की बात रही है।

फिलहाल श्रीलंका क्रिकेट के सामने आत्ममंथन का दौर है। टीम को आगे की राह तय करने के लिए संतुलित और ठोस फैसले लेने होंगे, ताकि भविष्य में ऐसी निराशा दोहराई न जाए।

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