WhatsAppHack – शाइना एनसी का अकाउंट हैक, परिचितों से हुई लाखों रुपये की ठगी
WhatsAppHack – शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता और फैशन डिजाइनर शाइना एनसी का व्हाट्सएप अकाउंट कथित रूप से हैक कर साइबर ठगों ने उनके परिचितों से करीब 3.92 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ठगों ने उनके मोबाइल नंबर और पहचान का इस्तेमाल करते हुए कई करीबी लोगों को सहायता के नाम पर धनराशि भेजने के लिए संदेश भेजे। भरोसे के चलते आठ लोगों ने अलग-अलग 49-49 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

मदद के बहाने भेजे गए थे संदेश
जानकारी के मुताबिक, ठगों ने शाइना एनसी के व्हाट्सएप अकाउंट से उनके संपर्क में मौजूद लोगों को संदेश भेजकर तत्काल आर्थिक सहायता मांगी। संदेश में दावा किया गया कि भेजी गई राशि दो घंटे के भीतर वापस कर दी जाएगी। चूंकि संदेश परिचित नंबर से आया था, इसलिए कई लोगों ने बिना अतिरिक्त पुष्टि किए बताए गए खाते में पैसे भेज दिए।
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
घटना के बाद शाइना एनसी ने मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दोपहर के समय ही दे दी गई थी, लेकिन आवश्यक कार्रवाई में देरी हुई। उनके अनुसार, यदि शुरुआती सूचना मिलने के तुरंत बाद सक्रिय कदम उठाए जाते, तो आगे होने वाली वित्तीय ठगी को रोका जा सकता था।
समय पर कार्रवाई की आवश्यकता बताई
शाइना एनसी ने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस से संपर्क किया और कथित रूप से इस्तेमाल किए जा रहे डिजिटल भुगतान खाते को तत्काल ब्लॉक कराने का अनुरोध भी किया था। उनका कहना है कि कार्रवाई में हुई देरी के दौरान ठग अन्य लोगों से भी धनराशि हासिल करने में सफल रहे।
पीड़ितों ने ऐसे किया भुगतान
ठगी का शिकार बने लोगों ने बताया कि उन्हें शाइना एनसी के नंबर से सहायता मांगने वाला संदेश प्राप्त हुआ था। संदेश में तत्काल 49 हजार रुपये भेजने का अनुरोध किया गया था और आश्वासन दिया गया था कि पूरी राशि कुछ घंटों के भीतर लौटा दी जाएगी। परिचित नंबर होने के कारण अधिकांश लोगों को किसी धोखाधड़ी का संदेह नहीं हुआ और उन्होंने भुगतान कर दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों से की शिकायत
शाइना एनसी ने इस मामले को लेकर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने साइबर अपराध के मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया और डिजिटल भुगतान खातों को जल्द ब्लॉक करने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।