Tribute – विजय रूपाणी की पुण्यतिथि पर नेताओं ने किया स्मरण
Tribute – गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को राज्यभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित कई राजनीतिक नेताओं ने उनके सार्वजनिक जीवन, प्रशासनिक योगदान और संगठनात्मक भूमिका को याद करते हुए सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर साझा किए गए संदेशों में रूपाणी के नेतृत्व, जनसेवा और राज्य के विकास के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख प्रमुखता से किया गया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया नमन
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक संदेश जारी कर विजय रूपाणी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि रूपाणी का व्यक्तित्व सरलता, संवेदनशीलता और विनम्रता का प्रतीक था। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि गुजरात के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता और प्रशासनिक निर्णयों में दिखाई देने वाली स्पष्टता लंबे समय तक याद रखी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत बनाने में विजय रूपाणी की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी।
संगठन और विकास में योगदान को किया याद
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने भी पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि विजय रूपाणी ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य के विकास को नई दिशा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके अनुसार, रूपाणी का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण योजनाओं और विकास परियोजनाओं के लिए याद किया जाता है, जिनका असर आज भी देखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री के रूप में निभाई अहम जिम्मेदारी
विजय रूपाणी ने वर्ष 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक और विकास संबंधी पहलों का नेतृत्व किया। राज्य की औद्योगिक प्रगति, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी सक्रिय भूमिका रही। राजनीतिक जीवन में उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में बनी, जिन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर जिम्मेदारियां निभाईं।
विमान दुर्घटना में हुआ था निधन
पिछले वर्ष 12 जून को हुई एक दुखद विमान दुर्घटना में विजय रूपाणी का निधन हो गया था। एयर इंडिया की उड़ान AI-171 अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान मेघानी नगर क्षेत्र में स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर के निकट गिरा, जिससे बड़ी संख्या में जान-माल का नुकसान हुआ।
देश की बड़ी विमान त्रासदियों में शामिल हादसा
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विमान में सवार 242 लोगों में से 241 यात्रियों और कर्मियों की मृत्यु हो गई थी। दुर्घटना स्थल पर मौजूद 19 अन्य लोगों की भी जान चली गई थी। इस प्रकार कुल 260 लोगों ने इस हादसे में अपनी जान गंवाई। केवल एक यात्री जीवित बच पाया था। यह दुर्घटना हाल के वर्षों की सबसे गंभीर विमान त्रासदियों में गिनी जाती है, जिसने पूरे देश को गहरे शोक में डाल दिया था।
पहचान के लिए लेना पड़ा डीएनए परीक्षण का सहारा
दुर्घटना की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई मृतकों की पहचान तत्काल संभव नहीं हो सकी। अधिकारियों को शवों की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण की सहायता लेनी पड़ी। विजय रूपाणी की पहचान भी वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया के माध्यम से की गई थी। बचाव और राहत कार्य में बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों, चिकित्सा टीमों और जांच एजेंसियों को लगाया गया था।
दुर्घटना की जांच अब भी जारी
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) इस हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है। प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी और संचालन संबंधी पहलुओं की समीक्षा की गई थी, लेकिन अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इस बीच, दुर्घटना में प्रभावित बीजे मेडिकल कॉलेज परिसर के पुनर्निर्माण की योजना पर भी काम किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नए ढांचे को पहले की तुलना में अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनाया जाएगा।